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एकादशी 2026 साटली, अज़रबैजान

समय UTC+4 में

साटली में अगली एकादशी कब है?

शुक्रवार 20 नवंबर

देवउठनी एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

पारण
10:38–17:26 शनि
6 घं 48 मि · Tithika की परिपाटी

देवउठनी एकादशी शुक्र 20 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

साटली में शुक्र 20 नवंबर का पूरा पंचांगशुक्र 20 नवंबर क्यों?

Tithika में खोलेंसाटली को अपने स्थानों में रखें: उसके आने वाले महीने आपके फ़ोन में सहेजे रहते हैं।

जनवरी 2026 में एकादशी

  1. बुध14
    षटतिला एकादशी

    पारण 08:06–17:45 गुरु

  2. गुरु29
    जया एकादशी

    पारण 07:56–09:39 शुक्र

फ़रवरी 2026 में एकादशी

  1. शुक्र13
    विजया एकादशी

    पारण 07:40–14:32 शनि

  2. शुक्र27
    आमलकी एकादशी

    पारण 07:21–18:36 शनि

मार्च 2026 में एकादशी

  1. रवि15
    पापमोचनी एकादशी

    पारण 06:56–08:11 सोम

  2. शनि28
    कामदा एकादशी

    स्मार्त: पारण 12:07–19:07 रवि

    वैष्णव: रवि 29 मार्च · पारण 04:58–05:40 सोम

अप्रैल 2026 में एकादशी

  1. सोम13
    वरूथिनी एकादशी

    पारण 06:10–19:23 मंगल

  2. सोम27
    मोहिनी एकादशी

    पारण 05:50–17:22 मंगल

मई 2026 में एकादशी

  1. बुध13
    अपरा एकादशी

    पारण 05:32–09:51 गुरु

  2. मंगल26
    पद्मिनी एकादशी

    पारण 11:16–20:04 बुध

जून 2026 में एकादशी

  1. गुरु11
    परमा एकादशी

    पारण 05:17–18:07 शुक्र

  2. गुरु25
    निर्जला एकादशी

    पारण 05:19–20:19 शुक्र

जुलाई 2026 में एकादशी

  1. शुक्र10
    योगिनी एकादशी

    स्मार्त: पारण 09:03–20:16 शनि

    वैष्णव: शनि 11 जुलाई · पारण 05:28–20:15 रवि

  2. शनि25
    देवशयनी एकादशी

    पारण 05:39–12:28 रवि

अगस्त 2026 में एकादशी

  1. रवि9
    कामिका एकादशी

    पारण 05:53–06:31 सोम

  2. रवि23

सितंबर 2026 में एकादशी

  1. सोम7
    अजा एकादशी

    पारण 06:20–13:13 मंगल

  2. मंगल22
    पार्श्व एकादशी

    पारण 06:34–18:42 बुध

अक्टूबर 2026 में एकादशी

  1. मंगल6
    इंदिरा एकादशी

    पारण 06:48–18:19 बुध

  2. गुरु22
    पापांकुशा एकादशी

    पारण 07:05–13:06 शुक्र

नवंबर 2026 में एकादशी

  1. गुरु5
    रमा एकादशी

    पारण 07:20–09:01 शुक्र

  2. शुक्र20
    देवउठनी एकादशी

    पारण 10:38–17:26 शनि

दिसंबर 2026 में एकादशी

  1. शुक्र4
    उत्पन्ना एकादशी

    पारण 07:52–17:21 शनि

  2. रवि20
    मोक्षदा एकादशी

    पारण 08:04–16:06 सोम

एकादशी इन तारीख़ों पर क्यों है?

अगली बार, शुक्र 20 नवंबर, साटली में

देवउठनी एकादशी शुक्र 20 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 05:46 से 05:02 शनि तक।

एकादशी 05:02 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी। एकादशी: 05:46 शुक्र से 05:02 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 20 नवंबर को सूर्योदय पर है, 07:36: शुक्र 20 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 05:46 पर, उससे (06:00–07:36) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · शनि 21 नवंबर, 10:38–17:26 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 21 नवंबर 05:02 से रवि 22 नवंबर 03:27 तक है; हरिवासर 10:38 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (17:26) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:35 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।

नियम

कार्तिक शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।

दूसरे वर्षों में एकादशी

दूसरी तिथियाँ और लिस्ट