साटली, अज़रबैजान में निर्जला एकादशी 2026 पारण समय 05:19–20:19, शुक्र 26 जून
व्रत · समय UTC+4 में
साटली में निर्जला एकादशी 2026 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
शुक्रवार 26 जून
निर्जला एकादशी का समय: व्रत, पारण
- गुरुवार 25 जून
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05:19व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शुक्रवार 26 जून
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05:19–20:19पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
साटली में निर्जला एकादशी गुरु 25 जून को क्यों है?
निर्जला एकादशी गुरु 25 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 16:42 बुध से 18:39 तक।
एकादशी 18:39 गुरु पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 25 जून को सूर्योदय पर है, 05:19: गुरु 25 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 16:42 बुध पर, उससे (03:43–05:19) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 26 जून, 05:19–20:19 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 25 जून 18:39 से शुक्र 26 जून 20:52 तक है; हरिवासर 01:13 पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 26 जून को सूर्योदय (05:19) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (20:19) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:19 तक, करते हैं।
नियम
ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।