एकादशी 2026 Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल
समय UTC−3 में
Ipameri में अगली एकादशी कब है?
शुक्रवार 20 नवंबर
देवउठनी एकादशी शुक्र 20 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
Ipameri में शुक्र 20 नवंबर का पूरा पंचांगशुक्र 20 नवंबर क्यों?
जनवरी 2026 में एकादशी
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बुध14षटतिला एकादशी
पारण 05:50–11:47 गुरु
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बुध28
फ़रवरी 2026 में एकादशी
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गुरु12विजया एकादशी
पारण 12:20–18:47 शुक्र
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शुक्र27आमलकी एकादशी
पारण 06:11–12:13 शनि
मार्च 2026 में एकादशी
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शनि14पापमोचनी एकादशी
पारण 06:53–18:27 रवि
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शनि28कामदा एकादशी
पारण 06:18–18:16 रवि
अप्रैल 2026 में एकादशी
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सोम13वरूथिनी एकादशी
पारण 06:21–15:42 मंगल
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सोम27मोहिनी एकादशी
पारण 06:25–10:22 मंगल
मई 2026 में एकादशी
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मंगल12
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मंगल26पद्मिनी एकादशी
पारण 06:34–17:45 बुध
जून 2026 में एकादशी
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गुरु11परमा एकादशी
पारण 06:40–11:07 शुक्र
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गुरु25निर्जला एकादशी
पारण 06:43–13:52 शुक्र
जुलाई 2026 में एकादशी
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शुक्र10योगिनी एकादशी
पारण 06:44–17:34 शनि
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शुक्र24देवशयनी एकादशी
पारण 09:40–17:57 शनि
अगस्त 2026 में एकादशी
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शनि8
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रवि23श्रावण पुत्रदा एकादशी
पारण 06:25–18:04 सोम
सितंबर 2026 में एकादशी
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सोम7अजा एकादशी
पारण 04:38–06:13 मंगल
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मंगल22पार्श्व एकादशी
पारण 06:01–14:21 बुध
अक्टूबर 2026 में एकादशी
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मंगल6इंदिरा एकादशी
पारण 05:50–14:47 बुध
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गुरु22पापांकुशा एकादशी
पारण 05:38–06:06 शुक्र
नवंबर 2026 में एकादशी
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बुध4रमा एकादशी
पारण 08:04–18:20 गुरु
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शुक्र20देवउठनी एकादशी
पारण 05:28–18:29 शनि
दिसंबर 2026 में एकादशी
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शुक्र4उत्पन्ना एकादशी
पारण 05:29–16:22 शनि
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रवि20मोक्षदा एकादशी
पारण 05:35–09:06 सोम
हर शहर के लिए एक ही, एकादशी 2026 के पेज पर:
एकादशी इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, शुक्र 20 नवंबर, Ipameri में
देवउठनी एकादशी शुक्र 20 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 22:46 गुरु से 22:02 तक।
एकादशी 22:02 शुक्र पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 20 नवंबर को सूर्योदय पर है, 05:28: शुक्र 20 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 22:46 गुरु पर, उससे (03:52–05:28) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शनि 21 नवंबर, 05:28–18:29 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शुक्र 20 नवंबर 22:02 से शनि 21 नवंबर 20:27 तक है; हरिवासर 03:38 पर पूरा होता है। इसलिए पारण शनि 21 नवंबर को सूर्योदय (05:28) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (18:29) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:04 तक, करते हैं।
नियम
कार्तिक शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।