Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 14 अगस्त 2004
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि शनि 14 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। शनि 14 अगस्त क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़14 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 14 अगस्त
- 05:48–06:29ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:09 से
- 09:00–10:37शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:36–14:31अभिजीत मुहूर्त
- 15:47–17:31लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 17:31–19:15अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:58 के बाद
- 20:58–22:15लाभ चौघड़िया
-
22:18–00:03 रविअमृत कालपुष्य में
- 23:31–00:48 रविशुभ चौघड़िया
- 00:48–02:04 रविअमृत चौघड़िया
- 05:54–07:10 रविलाभ चौघड़िया
- 05:49–06:29 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:09–08:53कालअशुभ
- 08:53–10:37शुभ
- 10:37–12:20रोगअशुभ
- 12:20–14:04उद्वेगअशुभ
- 14:04–15:47चरसामान्य
- 15:47–17:31लाभयमगण्ड में
- 17:31–19:15अमृतशुभ
- 19:15–20:58कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:58–22:15लाभशुभ
- 22:15–23:31उद्वेगअशुभ
- 23:31–00:48 रविशुभ
- 00:48–02:04 रविअमृतशुभ
- 02:04–03:21 रविचरसामान्य
- 03:21–04:37 रविरोगअशुभ
- 04:37–05:54 रविकालअशुभ
- 05:54–07:10 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 14 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 05:48–06:29, शुभ
- काल, अशुभ, 07:09–08:53
- शुभ, 08:53–10:37
- रोग, अशुभ, 10:37–12:20
- उद्वेग, अशुभ, 12:20–14:04
- चर, सामान्य, 14:04–15:47
- लाभ, शुभ, 15:47–17:31
- अमृत, शुभ, 17:31–19:15
- काल, अशुभ, 19:15–20:58
- लाभ, शुभ, 20:58–22:15
- उद्वेग, अशुभ, 22:15–23:31
- शुभ, 23:31–00:48 रवि
- अमृत, शुभ, 00:48–02:04 रवि
- चर, सामान्य, 02:04–03:21 रवि
- रोग, अशुभ, 03:21–04:37 रवि
- काल, अशुभ, 04:37–05:54 रवि
- लाभ, शुभ, 05:54–07:10 रवि
- गुलिक काल, 07:09–08:53, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:09–08:05, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:05–09:00, अशुभ
- राहु काल, 10:37–12:20, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:36–14:31, शुभ
- यमगण्ड, 15:47–17:31, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:49–06:29 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में मासिक शिवरात्रि शनि 14 अगस्त को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि शनि 14 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शनि 14 अगस्त को 03:30 से रवि 15 अगस्त को 05:09 तक है, इसलिए केवल शनिवार की रात का निशीथ काल (01:44 रवि–02:25 रवि) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
शनि 14 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 337.7° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:09। त्रयोदशी उससे पहले 03:30 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 05:09 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 31 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 14 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:48–06:29
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:48–06:29।
शुक्र 13 अगस्त की रात सूर्यास्त 21:00 शुक्र से सूर्योदय 07:09 तक थी, 10 घं 9 मि। इसे 40 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 14 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:36–14:31
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:36–14:31।
शनि 14 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 07:09–08:05
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:09–08:05 और 08:05–09:00।
शनि 14 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:05–09:00
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:09–08:05 और 08:05–09:00।
यहाँ दिन, 07:09 से 20:58, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 55 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:09–08:05 और 08:05–09:00।
शनि 14 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:09–08:53 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:09 से 20:58, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:58 से 07:10 रवि, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 14 अगस्त को राहुकाल कब है? 10:37–12:20
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:37–12:20।
शनि 14 अगस्त को यमगंड कब है? 15:47–17:31
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:47–17:31।
शनि 14 अगस्त को गुलिक काल कब है? 07:09–08:53
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:09–08:53।
यहाँ दिन 07:09 से 20:58 तक है, 13 घं 49 मि। इसे 1 घं 43 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 14 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 07:09
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:09, सूर्यास्त 20:58, 13 घं 49 मि का दिन।
शनि 14 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:09, सूर्यास्त 20:58, 13 घं 49 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 14 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पुष्य
सूर्योदय पर चंद्रमा 95.4° पर था: पुष्य, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुष्य 93°20′–106°40′ तक है; चंद्रमा 93°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 05:18 रवि को निकलेगा, अश्लेशा में।
शनि 14 अगस्त को कौन सा योग है? सिद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 213.1° थे: सिद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 117.7° + 95.4° = 213.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 07:33 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।
शनि 14 अगस्त को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 337.7° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 16:23 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 05:09 रवि तक।
शनि 14 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:09, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:09 से 07:10 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 14 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)
17 जुलाई और 16 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 जुलाई 16:23 शनि से 16 अगस्त 06:23 सोम तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 16 अगस्त 16:18 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।
शनि 14 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण (अधिक) है, और अमान्त गणना में श्रावण (अधिक)।
शनि 14 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2061 · शक 1926
विक्रम संवत 2061 21 मार्च 2004 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2004, 02:41 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 141° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2061 गिनता है; शक संवत 1926।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 14 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:03 रवि
चंद्रमा यहाँ 06:03 रवि पर उदय होता है।
शनि 14 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:32
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 20:32 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:03 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 20:32 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:03 रवि पर उदय होगा।