tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 13 अगस्त 2004

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 03:30 शनि तक

फिर चतुर्दशी · 05:09 रवि तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
21:00⁠–⁠23:02
प्रदोष काल 21:00⁠–⁠23:02

प्रदोष व्रत शुक्र 13 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। शुक्र 13 अगस्त क्यों?

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:47 07:08 21:00अगला सूर्योदय 07:09 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:08–08:52चरसामान्य
  • 08:52–10:36लाभगुलिक काल में
  • 10:36–12:20अमृतशुभ
  • 12:20–14:04कालअशुभ
  • 14:04–15:48शुभ
  • 15:48–17:32रोगअशुभ
  • 17:32–19:16उद्वेगअशुभ
  • 19:16–21:00चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 21:00–22:16रोगअशुभ
  • 22:16–23:32कालअशुभ
  • 23:32–00:48 शनिलाभशुभ
  • 00:48–02:04 शनिउद्वेगअशुभ
  • 02:04–03:21 शनिशुभ
  • 03:21–04:37 शनिअमृतशुभ
  • 04:37–05:53 शनिचरसामान्य
  • 05:53–07:09 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 13 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 05:47–06:28, शुभ
  • चर, सामान्य, 07:08–08:52
  • लाभ, शुभ, 08:52–10:36
  • अमृत, शुभ, 10:36–12:20
  • काल, अशुभ, 12:20–14:04
  • शुभ, 14:04–15:48
  • रोग, अशुभ, 15:48–17:32
  • उद्वेग, अशुभ, 17:32–19:16
  • चर, सामान्य, 19:16–21:00
  • रोग, अशुभ, 21:00–22:16
  • काल, अशुभ, 22:16–23:32
  • लाभ, शुभ, 23:32–00:48 शनि
  • उद्वेग, अशुभ, 00:48–02:04 शनि
  • शुभ, 02:04–03:21 शनि
  • अमृत, शुभ, 03:21–04:37 शनि
  • चर, सामान्य, 04:37–05:53 शनि
  • रोग, अशुभ, 05:53–07:09 शनि
  • गुलिक काल, 08:52–10:36, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:55–10:50, अशुभ
  • राहु काल, 12:20–14:04, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:36–14:32, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:32–15:27, अशुभ
  • यमगण्ड, 17:32–19:16, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:48–06:29 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में प्रदोष व्रत शुक्र 13 अगस्त को क्यों है?

प्रदोष व्रत शुक्र 13 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 01:28 20:00 22:00 00:00 गुरु 12 अगस्त प्रदोष काल 21:01–23:02 त्रयोदशी 01:28 शुक्र से
द्वादशी 01:28 20:00 22:00 00:00 गुरु 12 अगस्त प्रदोष काल 21:01–23:02 त्रयोदशी 01:28 शुक्र से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 13 अगस्त को 01:28 से शनि 14 अगस्त को 03:30 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (21:00–23:02) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

शुक्र 13 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 326.6° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 326.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 326.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:08। द्वादशी उससे पहले 01:28 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 03:30 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 31 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शुक्र 13 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:47–06:28

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:47–06:28।

सूर्यास्त 21:01 गुरु सूर्योदय 07:08 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 12 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 21:01 गुरु सूर्योदय 07:08 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 12 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 12 अगस्त की रात सूर्यास्त 21:01 गुरु से सूर्योदय 07:08 तक थी, 10 घं 7 मि। इसे 40 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 13 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:36–14:32

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:36–14:32।

शुक्र 13 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 09:55–10:50

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:55–10:50 और 14:32–15:27।

शुक्र 13 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 14:32–15:27

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:55–10:50 और 14:32–15:27।

सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 21:00 सूर्योदय 07:09 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 21:00 सूर्योदय 07:09 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 07:08 से 21:00, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 55 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 09:55–10:50 और 14:32–15:27।

शुक्र 13 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:08–08:52 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 21:00 सूर्योदय 07:09 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 21:00 सूर्योदय 07:09 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:08 से 21:00, 1 घं 44 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 21:00 से 07:09 शनि, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 13 अगस्त को राहुकाल कब है? 12:20–14:04

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 12:20–14:04।

शुक्र 13 अगस्त को यमगंड कब है? 17:32–19:16

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 17:32–19:16।

शुक्र 13 अगस्त को गुलिक काल कब है? 08:52–10:36

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:52–10:36।

सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 21:00 सूर्योदय 07:09 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 21:00 सूर्योदय 07:09 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 07:08 से 21:00 तक है, 13 घं 52 मि। इसे 1 घं 44 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 13 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 07:08

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:08, सूर्यास्त 21:00, 13 घं 52 मि का दिन।

शुक्र 13 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:00

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:08, सूर्यास्त 21:00, 13 घं 52 मि का दिन।

सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 21:00 सूर्योदय 07:09 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:55 चंद्रोदय 04:59 शनि
सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 21:00 सूर्योदय 07:09 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:55 चंद्रोदय 04:59 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 52 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 52 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 13 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु

सूर्योदय पर चंद्रमा 83.4° पर था: पुनर्वसु, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 83.4° अगला: पुष्य पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 83.4° अगला: पुष्य पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 83°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 03:03 शनि को निकलेगा, पुष्य में।

शुक्र 13 अगस्त को कौन सा योग है? सिद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 200.2° थे: सिद्धि।

सूर्य 116.8° + चंद्रमा 83.4° = 200.2° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 116.8° + चंद्रमा 83.4° = 200.2° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 116.8° + 83.4° = 200.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 07:33 शनि को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।

शुक्र 13 अगस्त को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 326.6° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 326.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 326.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 14:32 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 03:30 शनि तक।

शुक्र 13 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 07:08, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 21:00 सूर्योदय 07:09 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 21:00 सूर्योदय 07:09 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:08 से 07:09 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 13 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)

17 जुलाई और 16 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 जुलाई 16:23 शनि से 16 अगस्त 06:23 सोम तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 16 अगस्त 16:18 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।

शुक्र 13 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त श्रावण (अधिक) श्रावण (अधिक) कृष्ण शुक्ल शुक्र 13 अगस्त अमावस्या 17 जुल॰ पूर्णिमा 31 जुल॰ अमावस्या 16 अग॰ पूर्णिमा 30 अग॰
अमान्त पूर्णिमान्त श्रावण (अधिक) श्रावण (अधिक) कृष्ण शुक्ल शुक्र 13 अगस्त अमावस्या 17 जुल॰ पूर्णिमा 31 जुल॰ अमावस्या 16 अग॰ पूर्णिमा 30 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण (अधिक) है, और अमान्त गणना में श्रावण (अधिक)।

शुक्र 13 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2061 · शक 1926

विक्रम संवत 2061 21 मार्च 2004 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 2004 02:41 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 13 अगस्त सूर्य 116.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 2004 02:41 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 13 अगस्त सूर्य 116.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2004, 02:41 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 140.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2061 गिनता है; शक संवत 1926।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 13 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:59 शनि

चंद्रमा यहाँ 04:59 शनि पर उदय होता है।

शुक्र 13 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:55

सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 21:00 सूर्योदय 07:09 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:55 चंद्रोदय 04:59 शनि
सूर्योदय 07:08 सूर्यास्त 21:00 सूर्योदय 07:09 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:55 चंद्रोदय 04:59 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 19:55 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:59 शनि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 19:55 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:59 शनि पर उदय होगा।