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संकष्टी चतुर्थी 2026 फलावदा, उत्तर प्रदेश

समय IST में

फलावदा में अगली संकष्टी चतुर्थी कब है?

शुक्रवार 27 नवंबर

स्मार्त · वैष्णव

फलावदा में चंद्रोदय

20:09

शुक्रवार 27 नवंबर · IST

चांद दिखने पर व्रत खुलता है।

चंद्रोदय यानी समतल क्षितिज पर चंद्रमा का ऊपरी किनारा; पहाड़, इमारतें या धुंध उसे देर तक छिपा सकते हैं।

संकष्टी चतुर्थी शुक्र 27 नवंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

फलावदा में शुक्र 27 नवंबर का पूरा पंचांगशुक्र 27 नवंबर क्यों?

Tithika में खोलेंफलावदा को अपने स्थानों में रखें: उसके आने वाले महीने आपके फ़ोन में सहेजे रहते हैं।

जनवरी 2026 में संकष्टी चतुर्थी

  1. मंगल6
    20:51चंद्रोदय

फ़रवरी 2026 में संकष्टी चतुर्थी

  1. गुरु5
    21:32चंद्रोदय

मार्च 2026 में संकष्टी चतुर्थी

  1. शुक्र6
    21:12चंद्रोदय

अप्रैल 2026 में संकष्टी चतुर्थी

  1. रवि5
    21:53चंद्रोदय

मई 2026 में संकष्टी चतुर्थी

  1. मंगल5
    22:29चंद्रोदय

जून 2026 में संकष्टी चतुर्थी

  1. बुध3
    21:58चंद्रोदय

जुलाई 2026 में संकष्टी चतुर्थी

  1. शुक्र3
    21:47चंद्रोदय

अगस्त 2026 में संकष्टी चतुर्थी

  1. रवि2
    21:18चंद्रोदय
  2. सोम31
    20:22चंद्रोदय

सितंबर 2026 में संकष्टी चतुर्थी

  1. मंगल29
    19:36चंद्रोदय

अक्टूबर 2026 में संकष्टी चतुर्थी

  1. गुरु29
    20:07चंद्रोदय

नवंबर 2026 में संकष्टी चतुर्थी

  1. शुक्र27
    20:09चंद्रोदय

दिसंबर 2026 में संकष्टी चतुर्थी

  1. शनि26
    20:10चंद्रोदय

संकष्टी चतुर्थी इन तारीख़ों पर क्यों है?

अगली बार, शुक्र 27 नवंबर, फलावदा में

संकष्टी चतुर्थी शुक्र 27 नवंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

चंद्रोदय (20:09) पर चतुर्थी। चतुर्थी: 09:49 से 06:40 शनि तक।

चतुर्थी 06:40 पर समाप्त; चंद्रोदय (21:20) पर पञ्चमी।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी शुक्र 27 नवंबर को 09:49 से शनि 28 नवंबर को 06:40 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल शुक्र 27 नवंबर को है, 20:09 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

नियम

हर कृष्ण चतुर्थी

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है।

स्मार्त
वह रात जिसके चंद्रोदय में चतुर्थी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
वैष्णव
स्मार्त वाला दिन।

दूसरे वर्षों में संकष्टी चतुर्थी

दूसरी तिथियाँ और लिस्ट