प्रदोष व्रत 2026 Waukee, आयोवा, संयुक्त राज्य अमेरिका
Waukee का समय: CST, 8 मार्च–1 नवंबर CDT
Waukee में अगला प्रदोष व्रत कब है?
शुक्रवार 6 नवंबर
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत CST
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गुरु1517:10–20:04प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र3017:28–20:16प्रदोष पूजा मुहूर्त
फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत CST
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शनि1417:47–20:28प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2818:05–20:38प्रदोष पूजा मुहूर्त
मार्च 2026 में प्रदोष व्रत CDT
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सोम1619:23–21:47प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2919:37–21:54प्रदोष पूजा मुहूर्त
अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत CDT
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मंगल1419:55–22:03प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2820:10–22:11प्रदोष पूजा मुहूर्त
मई 2026 में प्रदोष व्रत CDT
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गुरु1420:27–22:21प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2820:40–22:29प्रदोष पूजा मुहूर्त
जून 2026 में प्रदोष व्रत CDT
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शुक्र1220:50–22:36प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2620:53–22:39प्रदोष पूजा मुहूर्त
जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत CDT
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शनि1120:50–22:38प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2620:39–22:32प्रदोष पूजा मुहूर्त
अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत CDT
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रवि920:23–22:22प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम2420:01–22:08प्रदोष पूजा मुहूर्त
सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत CDT
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मंगल819:36–21:51प्रदोष पूजा मुहूर्त
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बुध2319:10–21:33प्रदोष पूजा मुहूर्त
अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत CDT
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बुध718:47–21:17प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2318:22–21:01प्रदोष पूजा मुहूर्त
नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत CST
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शुक्र617:04–19:50प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2116:50–19:43प्रदोष पूजा मुहूर्त
दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत CST
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शनि516:45–19:41प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम2116:48–19:46प्रदोष पूजा मुहूर्त
प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, शुक्र 6 नवंबर, Waukee में
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष काल में द्वादशी; त्रयोदशी 23:01 से।
पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 17:04–19:50। त्रयोदशी: 23:01 गुरु से 23:18 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−6)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 5 नवंबर को 23:01 से शुक्र 6 नवंबर को 23:18 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (17:04–19:50) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।