प्रदोष व्रत 2026 उतुरोआ, फ़्रेंच पोलिनेशिया
समय UTC−10 में
उतुरोआ में अगला प्रदोष व्रत कब है?
गुरुवार 5 नवंबर
प्रदोष व्रत गुरु 5 नवंबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल का शुक्र 6 नवंबर से अधिक भाग घेरती है।
जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु1518:45–20:57प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2918:44–20:58प्रदोष पूजा मुहूर्त
फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत
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शनि1418:38–20:55प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2818:30–20:49प्रदोष पूजा मुहूर्त
मार्च 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि1518:19–20:41प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2918:09–20:33प्रदोष पूजा मुहूर्त
अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत
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मंगल1417:57–20:24प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2817:48–20:18प्रदोष पूजा मुहूर्त
मई 2026 में प्रदोष व्रत
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बुध1317:42–20:14प्रदोष पूजा मुहूर्त
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बुध2717:39–20:12प्रदोष पूजा मुहूर्त
जून 2026 में प्रदोष व्रत
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शुक्र1217:39–20:14प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2617:42–20:17प्रदोष पूजा मुहूर्त
जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत
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शनि1117:47–20:20प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2617:51–20:23प्रदोष पूजा मुहूर्त
अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि917:55–20:25प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम2417:58–20:26प्रदोष पूजा मुहूर्त
सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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मंगल818:00–20:25प्रदोष पूजा मुहूर्त
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बुध2318:01–20:24प्रदोष पूजा मुहूर्त
अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत
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बुध718:03–20:23प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2318:07–20:24प्रदोष पूजा मुहूर्त
नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु518:12–20:27प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2118:20–20:33प्रदोष पूजा मुहूर्त
दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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शनि518:28–20:39प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम2118:37–20:48प्रदोष पूजा मुहूर्त
प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, गुरु 5 नवंबर, उतुरोआ में
प्रदोष व्रत गुरु 5 नवंबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल का शुक्र 6 नवंबर से अधिक भाग घेरती है।
प्रदोष काल में द्वादशी 19:01 तक; फिर त्रयोदशी। त्रयोदशी: 19:01 से 19:18 शुक्र तक।
प्रदोष काल में त्रयोदशी केवल 19:18 तक; फिर चतुर्दशी। त्रयोदशी: 19:01 गुरु से 19:18 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−10)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 5 नवंबर को 19:01 से शुक्र 6 नवंबर को 19:18 तक है, और दोनों शाम प्रदोष काल को छूती है। निर्णयसिंधु वह शाम लेता है जिसका प्रदोष काल उसमें अधिक है: गुरु 5 नवंबर। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।