प्रदोष व्रत 2026 Soalkuchi, असम
समय IST में
Soalkuchi में अगला प्रदोष व्रत कब है?
शुक्रवार 6 नवंबर
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
Soalkuchi में शुक्र 6 नवंबर का पूरा पंचांगशुक्र 6 नवंबर क्यों?
जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु116:43–19:24प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र1616:54–19:33प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र3017:04–19:41प्रदोष पूजा मुहूर्त
फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत
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शनि1417:15–19:48प्रदोष पूजा मुहूर्त
मार्च 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि117:24–19:53प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम1617:32–19:56प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम3017:39–19:58प्रदोष पूजा मुहूर्त
अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत
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बुध1517:47–20:01प्रदोष पूजा मुहूर्त
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बुध2917:54–20:04प्रदोष पूजा मुहूर्त
मई 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु1418:02–20:09प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2818:09–20:14प्रदोष पूजा मुहूर्त
जून 2026 में प्रदोष व्रत
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शुक्र1218:16–20:19प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2718:19–20:22प्रदोष पूजा मुहूर्त
जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि1218:19–20:23प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2618:13–20:20प्रदोष पूजा मुहूर्त
अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत
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सोम1018:04–20:14प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2517:50–20:04प्रदोष पूजा मुहूर्त
सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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मंगल817:36–19:54प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2417:18–19:41प्रदोष पूजा मुहूर्त
अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु817:03–19:30प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2316:48–19:20प्रदोष पूजा मुहूर्त
नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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शुक्र616:38–19:14प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2216:32–19:11प्रदोष पूजा मुहूर्त
दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि616:31–19:12प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम2116:36–19:18प्रदोष पूजा मुहूर्त
प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, शुक्र 6 नवंबर, Soalkuchi में
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 16:38–19:14। त्रयोदशी: 10:31 से 10:48 शनि तक।
त्रयोदशी 10:48 पर समाप्त; प्रदोष काल में चतुर्दशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 6 नवंबर को 10:31 से शनि 7 नवंबर को 10:48 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (16:38–19:14) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।