प्रदोष व्रत 2026 Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया
समय UTC+4 में
Sevan में अगला प्रदोष व्रत कब है?
शुक्रवार 6 नवंबर
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु117:43–20:39प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र1617:58–20:51प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र3018:15–21:02प्रदोष पूजा मुहूर्त
फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत
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शनि1418:33–21:13प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2818:50–21:22प्रदोष पूजा मुहूर्त
मार्च 2026 में प्रदोष व्रत
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सोम1619:07–21:31प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम3019:22–21:38प्रदोष पूजा मुहूर्त
अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत
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बुध1519:38–21:47प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2819:52–21:54प्रदोष पूजा मुहूर्त
मई 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु1420:08–22:03प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2820:21–22:11प्रदोष पूजा मुहूर्त
जून 2026 में प्रदोष व्रत
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शुक्र1220:30–22:18प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2720:34–22:22प्रदोष पूजा मुहूर्त
जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि1220:31–22:20प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2620:21–22:15प्रदोष पूजा मुहूर्त
अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत
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सोम1020:04–22:04प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2519:43–21:50प्रदोष पूजा मुहूर्त
सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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मंगल819:21–21:35प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2418:54–21:17प्रदोष पूजा मुहूर्त
अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु818:31–21:01प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2318:08–20:47प्रदोष पूजा मुहूर्त
नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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शुक्र617:51–20:36प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2217:37–20:29प्रदोष पूजा मुहूर्त
दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि617:33–20:28प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम2117:36–20:33प्रदोष पूजा मुहूर्त
प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, शुक्र 6 नवंबर, Sevan में
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 17:51–20:36। त्रयोदशी: 09:01 से 09:18 शनि तक।
त्रयोदशी 09:18 पर समाप्त; प्रदोष काल में चतुर्दशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 6 नवंबर को 09:01 से शनि 7 नवंबर को 09:18 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (17:51–20:36) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।