प्रदोष व्रत 2026 Pilón, ग्रानमा प्रांत, क्यूबा
Pilón का समय: CST, 8 मार्च–1 नवंबर CDT
Pilón में अगला प्रदोष व्रत कब है?
शुक्रवार 6 नवंबर
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत CST
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गुरु1517:50–20:25प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र3018:00–20:33प्रदोष पूजा मुहूर्त
फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत CST
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शनि1418:08–20:38प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2818:13–20:40प्रदोष पूजा मुहूर्त
मार्च 2026 में प्रदोष व्रत CDT
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सोम1619:19–21:42प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम3019:22–21:43प्रदोष पूजा मुहूर्त
अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत CDT
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मंगल1419:27–21:43प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2819:31–21:45प्रदोष पूजा मुहूर्त
मई 2026 में प्रदोष व्रत CDT
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गुरु1419:37–21:48प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2819:43–21:52प्रदोष पूजा मुहूर्त
जून 2026 में प्रदोष व्रत CDT
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शुक्र1219:48–21:56प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2619:52–22:00प्रदोष पूजा मुहूर्त
जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत CDT
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शनि1119:52–22:01प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2619:48–21:59प्रदोष पूजा मुहूर्त
अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत CDT
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रवि919:41–21:54प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2519:30–21:46प्रदोष पूजा मुहूर्त
सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत CDT
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मंगल819:18–21:37प्रदोष पूजा मुहूर्त
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बुध2319:04–21:27प्रदोष पूजा मुहूर्त
अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत CDT
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बुध718:52–21:18प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2318:39–21:09प्रदोष पूजा मुहूर्त
नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत CST
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शुक्र617:32–20:04प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2117:28–20:03प्रदोष पूजा मुहूर्त
दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत CST
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शनि517:29–20:05प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम2117:35–20:12प्रदोष पूजा मुहूर्त
प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, शुक्र 6 नवंबर, Pilón में
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष काल में द्वादशी; त्रयोदशी 00:01 शुक्र से।
पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 17:32–20:04। त्रयोदशी: 00:01 से 00:18 शनि तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−5)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 6 नवंबर को 00:01 से शनि 7 नवंबर को 00:18 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (17:32–20:04) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।