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प्रदोष व्रत 2026 Phusro, झारखंड

समय IST में

Phusro में अगला प्रदोष व्रत कब है?

शुक्रवार 6 नवंबर

स्मार्त · वैष्णव

प्रदोष पूजा मुहूर्त
17:04–19:38
2 घं 34 मि · Tithika की परिपाटी

प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

Phusro में शुक्र 6 नवंबर का पूरा पंचांगशुक्र 6 नवंबर क्यों?

Tithika में खोलेंPhusro को अपने स्थानों में रखें: उसके आने वाले महीने आपके फ़ोन में सहेजे रहते हैं।

जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत

  1. गुरु1
    17:10–19:50प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. शुक्र16
    17:20–19:58प्रदोष पूजा मुहूर्त
  3. शुक्र30
    17:30–20:06प्रदोष पूजा मुहूर्त

फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत

  1. शनि14
    17:40–20:12प्रदोष पूजा मुहूर्त

मार्च 2026 में प्रदोष व्रत

  1. रवि1
    17:48–20:16प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. सोम16
    17:55–20:18प्रदोष पूजा मुहूर्त
  3. सोम30
    18:00–20:20प्रदोष पूजा मुहूर्त

अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत

  1. बुध15
    18:07–20:22प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. बुध29
    18:13–20:25प्रदोष पूजा मुहूर्त

मई 2026 में प्रदोष व्रत

  1. गुरु14
    18:20–20:29प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. गुरु28
    18:27–20:33प्रदोष पूजा मुहूर्त

जून 2026 में प्रदोष व्रत

  1. शुक्र12
    18:33–20:38प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. शनि27
    18:36–20:41प्रदोष पूजा मुहूर्त

जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत

  1. रवि12
    18:36–20:42प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. रवि26
    18:32–20:40प्रदोष पूजा मुहूर्त

अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत

  1. सोम10
    18:23–20:34प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. मंगल25
    18:10–20:25प्रदोष पूजा मुहूर्त

सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत

  1. मंगल8
    17:57–20:15प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. गुरु24
    17:40–20:03प्रदोष पूजा मुहूर्त

अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत

  1. गुरु8
    17:26–19:53प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. शुक्र23
    17:13–19:44प्रदोष पूजा मुहूर्त

नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत

  1. शुक्र6
    17:04–19:38प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. रवि22
    16:58–19:36प्रदोष पूजा मुहूर्त

दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत

  1. रवि6
    16:58–19:38प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. सोम21
    17:04–19:44प्रदोष पूजा मुहूर्त

प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?

अगली बार, शुक्र 6 नवंबर, Phusro में

प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 17:04–19:38। त्रयोदशी: 10:31 से 10:48 शनि तक।

त्रयोदशी 10:48 पर समाप्त; प्रदोष काल में चतुर्दशी।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 6 नवंबर को 10:31 से शनि 7 नवंबर को 10:48 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (17:04–19:38) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

नियम

हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।

स्मार्त
वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
वैष्णव
स्मार्त वाला दिन।

दूसरे वर्षों में प्रदोष व्रत

दूसरी तिथियाँ और लिस्ट