प्रदोष व्रत 2026 पर्थ, वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रेलिया
समय AWST में
पर्थ में अगला प्रदोष व्रत कब है?
शुक्रवार 6 नवंबर
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु119:25–21:23प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र1619:25–21:25प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र3019:19–21:23प्रदोष पूजा मुहूर्त
फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत
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शनि1419:07–21:16प्रदोष पूजा मुहूर्त
मार्च 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि118:51–21:06प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम1618:33–20:53प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम3018:15–20:41प्रदोष पूजा मुहूर्त
अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत
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बुध1517:55–20:27प्रदोष पूजा मुहूर्त
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बुध2917:40–20:17प्रदोष पूजा मुहूर्त
मई 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु1417:28–20:10प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2817:21–20:06प्रदोष पूजा मुहूर्त
जून 2026 में प्रदोष व्रत
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शनि1317:18–20:05प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2717:21–20:08प्रदोष पूजा मुहूर्त
जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि1217:28–20:13प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2617:36–20:18प्रदोष पूजा मुहूर्त
अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत
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सोम1017:46–20:24प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2517:55–20:28प्रदोष पूजा मुहूर्त
सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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मंगल818:04–20:31प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2418:13–20:35प्रदोष पूजा मुहूर्त
अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु818:22–20:39प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2318:33–20:44प्रदोष पूजा मुहूर्त
नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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शुक्र618:45–20:51प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2218:59–21:00प्रदोष पूजा मुहूर्त
दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि619:11–21:10प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम2119:21–21:18प्रदोष पूजा मुहूर्त
प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, शुक्र 6 नवंबर, पर्थ में
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 18:45–20:51। त्रयोदशी: 13:01 से 13:18 शनि तक।
त्रयोदशी 13:18 पर समाप्त; प्रदोष काल में चतुर्दशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+8)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 6 नवंबर को 13:01 से शनि 7 नवंबर को 13:18 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (18:45–20:51) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।