प्रदोष व्रत 2026 उजडा, मोरक्को
उजडा का समय: UTC+1, 15 फ़रवरी–22 मार्च UTC+0
उजडा में अगला प्रदोष व्रत कब है?
शुक्रवार 6 नवंबर
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत UTC+1
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गुरु1518:19–21:06प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र3018:34–21:17प्रदोष पूजा मुहूर्त
फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत UTC+1 · UTC+0
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शनि1418:49–21:26 UTC+1प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2818:02–20:33 UTC+0प्रदोष पूजा मुहूर्त
मार्च 2026 में प्रदोष व्रत UTC+0 · UTC+1
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सोम1618:15–20:39 UTC+0प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम3019:27–21:44 UTC+1प्रदोष पूजा मुहूर्त
अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत UTC+1
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मंगल1419:38–21:50प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2819:50–21:55प्रदोष पूजा मुहूर्त
मई 2026 में प्रदोष व्रत UTC+1
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गुरु1420:02–22:03प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2820:12–22:09प्रदोष पूजा मुहूर्त
जून 2026 में प्रदोष व्रत UTC+1
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शुक्र1220:21–22:15प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2620:24–22:19प्रदोष पूजा मुहूर्त
जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत UTC+1
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शनि1120:22–22:19प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2620:14–22:14प्रदोष पूजा मुहूर्त
अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत UTC+1
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सोम1020:01–22:05प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2519:43–21:53प्रदोष पूजा मुहूर्त
सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत UTC+1
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मंगल819:24–21:40प्रदोष पूजा मुहूर्त
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बुध2319:03–21:25प्रदोष पूजा मुहूर्त
अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत UTC+1
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बुध718:43–21:12प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2318:23–20:58प्रदोष पूजा मुहूर्त
नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत UTC+1
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शुक्र618:09–20:50प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2217:59–20:45प्रदोष पूजा मुहूर्त
दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत UTC+1
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रवि617:56–20:45प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम2118:00–20:50प्रदोष पूजा मुहूर्त
प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, शुक्र 6 नवंबर, उजडा में
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष काल में द्वादशी; त्रयोदशी 05:01 शुक्र से।
पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 17:09–19:50। त्रयोदशी: 05:01 से 05:18 शनि तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 6 नवंबर को 05:01 से शनि 7 नवंबर को 05:18 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (17:09–19:50) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।