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प्रदोष व्रत 2026 Mapimí, दुरंगो, मैक्सिको

समय CST में

Mapimí में अगला प्रदोष व्रत कब है?

शुक्रवार 6 नवंबर

स्मार्त · वैष्णव

प्रदोष पूजा मुहूर्त
18:10–20:45
2 घं 35 मि · Tithika की परिपाटी

प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

Mapimí में शुक्र 6 नवंबर का पूरा पंचांगशुक्र 6 नवंबर क्यों?

Tithika में खोलेंMapimí को अपने स्थानों में रखें: उसके आने वाले महीने आपके फ़ोन में सहेजे रहते हैं।

जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत

  1. गुरु15
    18:26–21:05प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. शुक्र30
    18:37–21:13प्रदोष पूजा मुहूर्त

फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत

  1. शनि14
    18:48–21:20प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. शनि28
    18:56–21:24प्रदोष पूजा मुहूर्त

मार्च 2026 में प्रदोष व्रत

  1. सोम16
    19:04–21:28प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. रवि29
    19:10–21:30प्रदोष पूजा मुहूर्त

अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत

  1. मंगल14
    19:18–21:32प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. मंगल28
    19:25–21:35प्रदोष पूजा मुहूर्त

मई 2026 में प्रदोष व्रत

  1. गुरु14
    19:33–21:40प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. गुरु28
    19:40–21:45प्रदोष पूजा मुहूर्त

जून 2026 में प्रदोष व्रत

  1. शुक्र12
    19:47–21:50प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. शुक्र26
    19:50–21:53प्रदोष पूजा मुहूर्त

जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत

  1. शनि11
    19:49–21:54प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. रवि26
    19:44–21:51प्रदोष पूजा मुहूर्त

अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत

  1. रवि9
    19:35–21:45प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. सोम24
    19:22–21:36प्रदोष पूजा मुहूर्त

सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत

  1. मंगल8
    19:06–21:25प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. बुध23
    18:50–21:13प्रदोष पूजा मुहूर्त

अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत

  1. बुध7
    18:35–21:02प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. शुक्र23
    18:20–20:52प्रदोष पूजा मुहूर्त

नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत

  1. शुक्र6
    18:10–20:45प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. शनि21
    18:04–20:43प्रदोष पूजा मुहूर्त

दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत

  1. शनि5
    18:03–20:44प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. सोम21
    18:09–20:51प्रदोष पूजा मुहूर्त

प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?

अगली बार, शुक्र 6 नवंबर, Mapimí में

प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

प्रदोष काल में द्वादशी; त्रयोदशी 23:01 से।

पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 18:10–20:45। त्रयोदशी: 23:01 गुरु से 23:18 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−6)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 5 नवंबर को 23:01 से शुक्र 6 नवंबर को 23:18 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (18:10–20:45) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

नियम

हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।

स्मार्त
वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
वैष्णव
स्मार्त वाला दिन।

दूसरे वर्षों में प्रदोष व्रत

दूसरी तिथियाँ और लिस्ट