प्रदोष व्रत 2026 Loga, डोसो क्षेत्र, नाइजर
समय WAT में
Loga में अगला प्रदोष व्रत कब है?
शुक्रवार 6 नवंबर
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु1518:39–21:10प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र3018:46–21:16प्रदोष पूजा मुहूर्त
फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत
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शनि1418:52–21:19प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2818:55–21:21प्रदोष पूजा मुहूर्त
मार्च 2026 में प्रदोष व्रत
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सोम1618:57–21:20प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम3018:58–21:19प्रदोष पूजा मुहूर्त
अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत
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मंगल1419:00–21:19प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2819:02–21:19प्रदोष पूजा मुहूर्त
मई 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु1419:06–21:21प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2819:10–21:23प्रदोष पूजा मुहूर्त
जून 2026 में प्रदोष व्रत
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शुक्र1219:14–21:27प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2619:17–21:30प्रदोष पूजा मुहूर्त
जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत
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शनि1119:18–21:32प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2619:16–21:31प्रदोष पूजा मुहूर्त
अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत
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सोम1019:11–21:27प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2519:03–21:21प्रदोष पूजा मुहूर्त
सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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मंगल818:53–21:14प्रदोष पूजा मुहूर्त
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बुध2318:42–21:05प्रदोष पूजा मुहूर्त
अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत
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बुध718:32–20:57प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2318:23–20:50प्रदोष पूजा मुहूर्त
नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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शुक्र618:18–20:47प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2218:16–20:47प्रदोष पूजा मुहूर्त
दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि618:18–20:50प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम2118:25–20:57प्रदोष पूजा मुहूर्त
प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, शुक्र 6 नवंबर, Loga में
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष काल में द्वादशी; त्रयोदशी 06:01 शुक्र से।
पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 18:18–20:47। त्रयोदशी: 06:01 से 06:18 शनि तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 6 नवंबर को 06:01 से शनि 7 नवंबर को 06:18 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (18:18–20:47) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।