प्रदोष व्रत 2026 लिस्बन, पुर्तगाल
लिस्बन का समय: WET, 29 मार्च–25 अक्टूबर WEST
लिस्बन में अगला प्रदोष व्रत कब है?
शुक्रवार 6 नवंबर
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत WET
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गुरु1517:38–20:29प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र3017:55–20:41प्रदोष पूजा मुहूर्त
फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत WET
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शनि1418:12–20:51प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2818:28–21:00प्रदोष पूजा मुहूर्त
मार्च 2026 में प्रदोष व्रत WET · WEST
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सोम1618:44–21:08 WETप्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम3019:57–22:14 WESTप्रदोष पूजा मुहूर्त
अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत WEST
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मंगल1420:12–22:21प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2820:25–22:28प्रदोष पूजा मुहूर्त
मई 2026 में प्रदोष व्रत WEST
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गुरु1420:40–22:37प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2820:52–22:44प्रदोष पूजा मुहूर्त
जून 2026 में प्रदोष व्रत WEST
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शुक्र1221:01–22:51प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2621:05–22:54प्रदोष पूजा मुहूर्त
जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत WEST
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शनि1121:02–22:54प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2620:52–22:48प्रदोष पूजा मुहूर्त
अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत WEST
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सोम1020:37–22:39प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2520:17–22:25प्रदोष पूजा मुहूर्त
सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत WEST
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मंगल819:55–22:11प्रदोष पूजा मुहूर्त
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बुध2319:31–21:54प्रदोष पूजा मुहूर्त
अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत WEST
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बुध719:10–21:39प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2318:47–21:24प्रदोष पूजा मुहूर्त
नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत WET
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शुक्र617:31–20:14प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2217:18–20:08प्रदोष पूजा मुहूर्त
दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत WET
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रवि617:14–20:07प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम2117:18–20:12प्रदोष पूजा मुहूर्त
प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, शुक्र 6 नवंबर, लिस्बन में
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष काल में द्वादशी; त्रयोदशी 05:01 शुक्र से।
पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 17:31–20:14। त्रयोदशी: 05:01 से 05:18 शनि तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 6 नवंबर को 05:01 से शनि 7 नवंबर को 05:18 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (17:31–20:14) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।