प्रदोष व्रत 2026 Lasem, इंडोनेशिया
समय WIB में
Lasem में अगला प्रदोष व्रत कब है?
शुक्रवार 6 नवंबर
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु117:52–20:10प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र1617:57–20:16प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र3017:59–20:18प्रदोष पूजा मुहूर्त
फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत
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शनि1417:57–20:17प्रदोष पूजा मुहूर्त
मार्च 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि117:53–20:14प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम1617:46–20:09प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम3017:40–20:03प्रदोष पूजा मुहूर्त
अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत
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बुध1517:32–19:57प्रदोष पूजा मुहूर्त
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बुध2917:27–19:53प्रदोष पूजा मुहूर्त
मई 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु1417:24–19:51प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2817:24–19:51प्रदोष पूजा मुहूर्त
जून 2026 में प्रदोष व्रत
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शनि1317:26–19:53प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2717:29–19:56प्रदोष पूजा मुहूर्त
जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि1217:32–19:59प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2617:34–20:01प्रदोष पूजा मुहूर्त
अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत
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सोम1017:35–20:00प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2517:34–19:59प्रदोष पूजा मुहूर्त
सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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मंगल817:32–19:56प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2417:29–19:52प्रदोष पूजा मुहूर्त
अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु817:27–19:49प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2317:27–19:47प्रदोष पूजा मुहूर्त
नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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शुक्र617:28–19:48प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2217:33–19:52प्रदोष पूजा मुहूर्त
दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि617:39–19:57प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम2117:47–20:05प्रदोष पूजा मुहूर्त
प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, शुक्र 6 नवंबर, Lasem में
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 17:28–19:48। त्रयोदशी: 12:01 से 12:18 शनि तक।
त्रयोदशी 12:18 पर समाप्त; प्रदोष काल में चतुर्दशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (WIB)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 6 नवंबर को 12:01 से शनि 7 नवंबर को 12:18 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (17:28–19:48) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।