प्रदोष व्रत 2026 Fleurus, वालोनिया, बेल्जियम
Fleurus का समय: CET, 29 मार्च–25 अक्टूबर CEST
Fleurus में अगला प्रदोष व्रत कब है?
शुक्रवार 6 नवंबर
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
Fleurus में शुक्र 6 नवंबर का पूरा पंचांगशुक्र 6 नवंबर क्यों?
जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत CET
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गुरु116:48–19:58प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु1517:06–20:11प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र3017:30–20:28प्रदोष पूजा मुहूर्त
फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत CET
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शनि1417:57–20:44प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2818:21–20:58प्रदोष पूजा मुहूर्त
मार्च 2026 में प्रदोष व्रत CET · CEST
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सोम1618:47–21:12 CETप्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम3020:10–22:24 CESTप्रदोष पूजा मुहूर्त
अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत CEST
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मंगल1420:34–22:37प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2820:56–22:49प्रदोष पूजा मुहूर्त
मई 2026 में प्रदोष व्रत CEST
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गुरु1421:21–23:03प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2821:39–23:15प्रदोष पूजा मुहूर्त
जून 2026 में प्रदोष व्रत CEST
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शुक्र1221:53–23:24प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2621:57–23:28प्रदोष पूजा मुहूर्त
जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत CEST
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शनि1121:51–23:25प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2621:34–23:16प्रदोष पूजा मुहूर्त
अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत CEST
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सोम1021:10–23:01प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2520:41–22:42प्रदोष पूजा मुहूर्त
सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत CEST
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मंगल820:11–22:22प्रदोष पूजा मुहूर्त
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बुध2319:37–22:00प्रदोष पूजा मुहूर्त
अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत CEST
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बुध719:06–21:40प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2318:33–21:18प्रदोष पूजा मुहूर्त
नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत CET
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शुक्र617:08–20:03प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2216:47–19:51प्रदोष पूजा मुहूर्त
दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत CET
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रवि616:38–19:48प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम2116:39–19:51प्रदोष पूजा मुहूर्त
प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, शुक्र 6 नवंबर, Fleurus में
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष काल में द्वादशी; त्रयोदशी 06:01 शुक्र से।
पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 17:08–20:03। त्रयोदशी: 06:01 से 06:18 शनि तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 6 नवंबर को 06:01 से शनि 7 नवंबर को 06:18 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (17:08–20:03) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।