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प्रदोष व्रत 2026 Faaa, फ़्रेंच पोलिनेशिया

समय UTC−10 में

Faaa में अगला प्रदोष व्रत कब है?

गुरुवार 5 नवंबर

स्मार्त · वैष्णव

प्रदोष पूजा मुहूर्त
18:06–20:20
2 घं 14 मि · Tithika की परिपाटी

प्रदोष व्रत गुरु 5 नवंबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल का शुक्र 6 नवंबर से अधिक भाग घेरती है।

Faaa में गुरु 5 नवंबर का पूरा पंचांगगुरु 5 नवंबर क्यों?

Tithika में खोलेंFaaa को अपने स्थानों में रखें: उसके आने वाले महीने आपके फ़ोन में सहेजे रहते हैं।

जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत

  1. गुरु15
    18:39–20:51प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. गुरु29
    18:38–20:51प्रदोष पूजा मुहूर्त

फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत

  1. शनि14
    18:32–20:48प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. शनि28
    18:23–20:42प्रदोष पूजा मुहूर्त

मार्च 2026 में प्रदोष व्रत

  1. रवि15
    18:12–20:34प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. रवि29
    18:01–20:26प्रदोष पूजा मुहूर्त

अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत

  1. मंगल14
    17:49–20:17प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. मंगल28
    17:40–20:10प्रदोष पूजा मुहूर्त

मई 2026 में प्रदोष व्रत

  1. बुध13
    17:33–20:06प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. बुध27
    17:30–20:04प्रदोष पूजा मुहूर्त

जून 2026 में प्रदोष व्रत

  1. शुक्र12
    17:30–20:05प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. शुक्र26
    17:33–20:08प्रदोष पूजा मुहूर्त

जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत

  1. शनि11
    17:38–20:12प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. रवि26
    17:43–20:15प्रदोष पूजा मुहूर्त

अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत

  1. रवि9
    17:47–20:17प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. सोम24
    17:50–20:18प्रदोष पूजा मुहूर्त

सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत

  1. मंगल8
    17:52–20:17प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. बुध23
    17:54–20:16प्रदोष पूजा मुहूर्त

अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत

  1. बुध7
    17:57–20:16प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. शुक्र23
    18:01–20:17प्रदोष पूजा मुहूर्त

नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत

  1. गुरु5
    18:06–20:20प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. शनि21
    18:14–20:26प्रदोष पूजा मुहूर्त

दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत

  1. शनि5
    18:23–20:33प्रदोष पूजा मुहूर्त
  2. सोम21
    18:32–20:42प्रदोष पूजा मुहूर्त

प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?

अगली बार, गुरु 5 नवंबर, Faaa में

प्रदोष व्रत गुरु 5 नवंबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल का शुक्र 6 नवंबर से अधिक भाग घेरती है।

प्रदोष काल में द्वादशी 19:01 तक; फिर त्रयोदशी। त्रयोदशी: 19:01 से 19:18 शुक्र तक।

प्रदोष काल में त्रयोदशी केवल 19:18 तक; फिर चतुर्दशी। त्रयोदशी: 19:01 गुरु से 19:18 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−10)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 5 नवंबर को 19:01 से शुक्र 6 नवंबर को 19:18 तक है, और दोनों शाम प्रदोष काल को छूती है। निर्णयसिंधु वह शाम लेता है जिसका प्रदोष काल उसमें अधिक है: गुरु 5 नवंबर। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

नियम

हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।

स्मार्त
वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
वैष्णव
स्मार्त वाला दिन।

दूसरे वर्षों में प्रदोष व्रत

दूसरी तिथियाँ और लिस्ट