प्रदोष व्रत 2026 Dunbage, चीन
समय UTC+6 में
Dunbage में अगला प्रदोष व्रत कब है?
शुक्रवार 6 नवंबर
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
Dunbage में शुक्र 6 नवंबर का पूरा पंचांगशुक्र 6 नवंबर क्यों?
जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु117:38–20:32प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र1617:52–20:43प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र3018:08–20:54प्रदोष पूजा मुहूर्त
फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत
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शनि1418:25–21:05प्रदोष पूजा मुहूर्त
मार्च 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि118:42–21:14प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम1618:57–21:21प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम3019:11–21:28प्रदोष पूजा मुहूर्त
अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत
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बुध1519:26–21:35प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2819:39–21:42प्रदोष पूजा मुहूर्त
मई 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु1419:54–21:51प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2820:06–21:58प्रदोष पूजा मुहूर्त
जून 2026 में प्रदोष व्रत
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शुक्र1220:15–22:05प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2720:19–22:08प्रदोष पूजा मुहूर्त
जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि1220:16–22:08प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2620:07–22:02प्रदोष पूजा मुहूर्त
अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत
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सोम1019:51–21:53प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2519:31–21:39प्रदोष पूजा मुहूर्त
सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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मंगल819:10–21:25प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2418:44–21:07प्रदोष पूजा मुहूर्त
अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु818:22–20:52प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2318:00–20:38प्रदोष पूजा मुहूर्त
नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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शुक्र617:44–20:28प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2217:31–20:21प्रदोष पूजा मुहूर्त
दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि617:27–20:21प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम2117:31–20:25प्रदोष पूजा मुहूर्त
प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, शुक्र 6 नवंबर, Dunbage में
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 17:44–20:28। त्रयोदशी: 11:01 से 11:18 शनि तक।
त्रयोदशी 11:18 पर समाप्त; प्रदोष काल में चतुर्दशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+6)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 6 नवंबर को 11:01 से शनि 7 नवंबर को 11:18 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (17:44–20:28) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।