प्रदोष व्रत 2026 Coronel, चिली
Coronel का समय: UTC−3, 5 अप्रैल–6 सितंबर UTC−4
Coronel में अगला प्रदोष व्रत कब है?
शुक्रवार 6 नवंबर
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
Coronel में शुक्र 6 नवंबर का पूरा पंचांगशुक्र 6 नवंबर क्यों?
जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत UTC−3
-
गुरु1521:13–23:09प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
शुक्र3021:05–23:05प्रदोष पूजा मुहूर्त
फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत UTC−3
-
शनि1420:50–22:56प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
शनि2820:32–22:45प्रदोष पूजा मुहूर्त
मार्च 2026 में प्रदोष व्रत UTC−3
-
सोम1620:09–22:30प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
सोम3019:48–22:15प्रदोष पूजा मुहूर्त
अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत UTC−4
-
मंगल1418:27–21:01प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
मंगल2818:09–20:49प्रदोष पूजा मुहूर्त
मई 2026 में प्रदोष व्रत UTC−4
-
गुरु1417:53–20:39प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
गुरु2817:45–20:35प्रदोष पूजा मुहूर्त
जून 2026 में प्रदोष व्रत UTC−4
-
शुक्र1217:41–20:34प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
शुक्र2617:44–20:36प्रदोष पूजा मुहूर्त
जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत UTC−4
-
शनि1117:51–20:42प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
रवि2618:02–20:48प्रदोष पूजा मुहूर्त
अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत UTC−4
-
सोम1018:14–20:55प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
मंगल2518:26–21:01प्रदोष पूजा मुहूर्त
सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत UTC−3
-
मंगल819:37–22:06प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
बुध2319:49–22:11प्रदोष पूजा मुहूर्त
अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत UTC−3
-
बुध720:01–22:17प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
शुक्र2320:16–22:24प्रदोष पूजा मुहूर्त
नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत UTC−3
-
शुक्र620:31–22:33प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
शनि2120:46–22:43प्रदोष पूजा मुहूर्त
दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत UTC−3
-
शनि521:00–22:53प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
सोम2121:11–23:03प्रदोष पूजा मुहूर्त
प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, शुक्र 6 नवंबर, Coronel में
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष काल में द्वादशी; त्रयोदशी 02:01 शुक्र से।
पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 20:31–22:33। त्रयोदशी: 02:01 से 02:18 शनि तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 6 नवंबर को 02:01 से शनि 7 नवंबर को 02:18 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (20:31–22:33) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।