प्रदोष व्रत 2026 Complexe, आइवरी कोस्ट
समय GMT में
Complexe में अगला प्रदोष व्रत कब है?
रविवार 22 नवंबर
प्रदोष व्रत रवि 22 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु1518:25–20:53प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र3018:31–20:58प्रदोष पूजा मुहूर्त
फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत
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शनि1418:34–21:00प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2818:36–21:00प्रदोष पूजा मुहूर्त
मार्च 2026 में प्रदोष व्रत
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सोम1618:35–20:58प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम3018:34–20:56प्रदोष पूजा मुहूर्त
अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत
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मंगल1418:33–20:53प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2818:33–20:52प्रदोष पूजा मुहूर्त
मई 2026 में प्रदोष व्रत
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गुरु1418:34–20:53प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2818:37–20:55प्रदोष पूजा मुहूर्त
जून 2026 में प्रदोष व्रत
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शुक्र1218:41–20:58प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2618:44–21:01प्रदोष पूजा मुहूर्त
जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत
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शनि1118:45–21:03प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2618:45–21:03प्रदोष पूजा मुहूर्त
अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत
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सोम1018:41–21:00प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2518:35–20:55प्रदोष पूजा मुहूर्त
सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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मंगल818:28–20:49प्रदोष पूजा मुहूर्त
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बुध2318:19–20:42प्रदोष पूजा मुहूर्त
अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत
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बुध718:12–20:36प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2318:05–20:31प्रदोष पूजा मुहूर्त
नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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शुक्र618:02–20:28प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2218:02–20:30प्रदोष पूजा मुहूर्त
दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत
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रवि618:06–20:34प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम2118:13–20:40प्रदोष पूजा मुहूर्त
प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, रवि 22 नवंबर, Complexe में
प्रदोष व्रत रवि 22 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष काल में द्वादशी; त्रयोदशी 23:27 से।
पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 18:02–20:30। त्रयोदशी: 23:27 शनि से 21:07 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शनि 21 नवंबर को 23:27 से रवि 22 नवंबर को 21:07 तक है, इसलिए केवल रविवार का प्रदोष काल (18:02–20:30) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।