प्रदोष व्रत 2026 Azhatebage, चीन
समय UTC+6 में
Azhatebage में अगला प्रदोष व्रत कब है?
रविवार 22 नवंबर
प्रदोष व्रत रवि 22 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
Azhatebage में रवि 22 नवंबर का पूरा पंचांगरवि 22 नवंबर क्यों?
जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत
-
गुरु117:39–20:32प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
शुक्र1617:53–20:43प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
शुक्र3018:09–20:54प्रदोष पूजा मुहूर्त
फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत
-
शनि1418:26–21:05प्रदोष पूजा मुहूर्त
मार्च 2026 में प्रदोष व्रत
-
रवि118:42–21:14प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
सोम1618:57–21:21प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
सोम3019:11–21:28प्रदोष पूजा मुहूर्त
अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत
-
बुध1519:26–21:35प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
मंगल2819:38–21:42प्रदोष पूजा मुहूर्त
मई 2026 में प्रदोष व्रत
-
गुरु1419:54–21:50प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
गुरु2820:05–21:58प्रदोष पूजा मुहूर्त
जून 2026 में प्रदोष व्रत
-
शुक्र1220:15–22:05प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
शनि2720:18–22:08प्रदोष पूजा मुहूर्त
जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत
-
रवि1220:15–22:07प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
रवि2620:06–22:02प्रदोष पूजा मुहूर्त
अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत
-
सोम1019:51–21:52प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
मंगल2519:31–21:39प्रदोष पूजा मुहूर्त
सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत
-
मंगल819:09–21:25प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
गुरु2418:44–21:07प्रदोष पूजा मुहूर्त
अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत
-
गुरु818:22–20:52प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
शुक्र2318:01–20:38प्रदोष पूजा मुहूर्त
नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत
-
शुक्र617:44–20:28प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
रवि2217:32–20:21प्रदोष पूजा मुहूर्त
दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत
-
रवि617:28–20:21प्रदोष पूजा मुहूर्त
-
सोम2117:31–20:26प्रदोष पूजा मुहूर्त
प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, रवि 22 नवंबर, Azhatebage में
प्रदोष व्रत रवि 22 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष काल में द्वादशी; त्रयोदशी 05:27 रवि से।
पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 17:32–20:21। त्रयोदशी: 05:27 से 03:07 सोम तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+6)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी रवि 22 नवंबर को 05:27 से सोम 23 नवंबर को 03:07 तक है, इसलिए केवल रविवार का प्रदोष काल (17:32–20:21) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।