प्रदोष व्रत 2026 Ashtabula, ओहायो, संयुक्त राज्य अमेरिका
Ashtabula का समय: EST, 8 मार्च–1 नवंबर EDT
Ashtabula में अगला प्रदोष व्रत कब है?
शुक्रवार 6 नवंबर
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
Ashtabula में शुक्र 6 नवंबर का पूरा पंचांगशुक्र 6 नवंबर क्यों?
जनवरी 2026 में प्रदोष व्रत EST
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गुरु1517:17–20:11प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र3017:35–20:24प्रदोष पूजा मुहूर्त
फ़रवरी 2026 में प्रदोष व्रत EST
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शनि1417:55–20:35प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2818:12–20:45प्रदोष पूजा मुहूर्त
मार्च 2026 में प्रदोष व्रत EDT
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सोम1619:30–21:55प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम3019:46–22:02प्रदोष पूजा मुहूर्त
अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत EDT
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मंगल1420:03–22:11प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2820:18–22:19प्रदोष पूजा मुहूर्त
मई 2026 में प्रदोष व्रत EDT
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गुरु1420:35–22:29प्रदोष पूजा मुहूर्त
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गुरु2820:48–22:37प्रदोष पूजा मुहूर्त
जून 2026 में प्रदोष व्रत EDT
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शुक्र1220:58–22:44प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2621:02–22:48प्रदोष पूजा मुहूर्त
जुलाई 2026 में प्रदोष व्रत EDT
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शनि1120:58–22:46प्रदोष पूजा मुहूर्त
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रवि2620:47–22:40प्रदोष पूजा मुहूर्त
अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत EDT
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रवि920:31–22:30प्रदोष पूजा मुहूर्त
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मंगल2520:07–22:14प्रदोष पूजा मुहूर्त
सितंबर 2026 में प्रदोष व्रत EDT
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मंगल819:44–21:59प्रदोष पूजा मुहूर्त
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बुध2319:18–21:41प्रदोष पूजा मुहूर्त
अक्टूबर 2026 में प्रदोष व्रत EDT
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बुध718:54–21:25प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शुक्र2318:29–21:08प्रदोष पूजा मुहूर्त
नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत EST
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शुक्र617:11–19:57प्रदोष पूजा मुहूर्त
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शनि2116:57–19:50प्रदोष पूजा मुहूर्त
दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत EST
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शनि516:52–19:48प्रदोष पूजा मुहूर्त
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सोम2116:55–19:53प्रदोष पूजा मुहूर्त
प्रदोष व्रत इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, शुक्र 6 नवंबर, Ashtabula में
प्रदोष व्रत शुक्र 6 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष काल में द्वादशी; त्रयोदशी 00:01 शुक्र से।
पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी, 17:11–19:57। त्रयोदशी: 00:01 से 00:18 शनि तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−5)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 6 नवंबर को 00:01 से शनि 7 नवंबर को 00:18 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (17:11–19:57) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
नियम
हर शुक्ल और कृष्ण त्रयोदशी
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी हो: Tithika की परिपाटी, क्योंकि कोई ग्रंथ समय नहीं बताता।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।