एकादशी 2026 Thazhecode, केरल
समय IST में
Thazhecode में अगली एकादशी कब है?
शनिवार 21 नवंबर
देवउठनी एकादशी शनि 21 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
Thazhecode में शनि 21 नवंबर का पूरा पंचांगशनि 21 नवंबर क्यों?
जनवरी 2026 में एकादशी
-
बुध14षटतिला एकादशी
पारण 06:49–18:21 गुरु
-
गुरु29जया एकादशी
पारण 06:50–11:09 शुक्र
फ़रवरी 2026 में एकादशी
-
शुक्र13विजया एकादशी
पारण 06:47–16:02 शनि
-
शुक्र27आमलकी एकादशी
पारण 06:41–18:35 शनि
मार्च 2026 में एकादशी
-
रवि15पापमोचनी एकादशी
पारण 06:32–09:41 सोम
-
रवि29कामदा एकादशी
पारण 06:24–07:10 सोम
अप्रैल 2026 में एकादशी
-
सोम13वरूथिनी एकादशी
पारण 06:55–18:37 मंगल
-
सोम27मोहिनी एकादशी
पारण 06:08–18:38 मंगल
मई 2026 में एकादशी
-
बुध13अपरा एकादशी
पारण 06:03–11:21 गुरु
-
बुध27पद्मिनी एकादशी
पारण 06:01–07:57 गुरु
जून 2026 में एकादशी
-
गुरु11परमा एकादशी
पारण 06:02–18:49 शुक्र
-
गुरु25निर्जला एकादशी
पारण 06:05–18:52 शुक्र
जुलाई 2026 में एकादशी
-
शुक्र10
-
शनि25देवशयनी एकादशी
पारण 06:12–13:58 रवि
अगस्त 2026 में एकादशी
-
रवि9कामिका एकादशी
पारण 06:15–08:01 सोम
-
रवि23श्रावण पुत्रदा एकादशी
पारण 10:49–18:40 सोम
सितंबर 2026 में एकादशी
-
सोम7अजा एकादशी
पारण 06:15–14:43 मंगल
-
मंगल22पार्श्व एकादशी
पारण 06:15–18:21 बुध
अक्टूबर 2026 में एकादशी
-
मंगल6इंदिरा एकादशी
पारण 06:15–18:12 बुध
-
गुरु22पापांकुशा एकादशी
पारण 06:16–14:36 शुक्र
नवंबर 2026 में एकादशी
-
गुरु5रमा एकादशी
पारण 06:19–10:31 शुक्र
-
शनि21देवउठनी एकादशी
पारण 04:49–04:57 रवि
दिसंबर 2026 में एकादशी
-
शुक्र4उत्पन्ना एकादशी
पारण 06:31–18:01 शनि
-
रवि20मोक्षदा एकादशी
पारण 06:40–17:36 सोम
हर शहर के लिए एक ही, एकादशी 2026 के पेज पर:
एकादशी इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, शनि 21 नवंबर, Thazhecode में
देवउठनी एकादशी शनि 21 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 07:16 से। एकादशी: 07:16 से 06:32 शनि तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 07:16 शुक्र से 06:32 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 21 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:24: शनि 21 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 07:16 शुक्र पर, उससे (04:48–06:24) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 22 नवंबर, 04:49–04:57 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)
द्वादशी रवि 22 नवंबर को 04:57 पर, अरुणोदय (04:49) लगने के बाद और सूर्योदय (06:25) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।
नियम
कार्तिक शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।