एकादशी 2026 Gresik, पूर्व जावा, इंडोनेशिया
समय WIB में
Gresik में अगली एकादशी कब है?
गुरुवार 5 नवंबर
रमा एकादशी गुरु 5 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
जनवरी 2026 में एकादशी
-
बुध14षटतिला एकादशी
पारण 05:23–17:53 गुरु
-
गुरु29जया एकादशी
पारण 05:29–12:39 शुक्र
फ़रवरी 2026 में एकादशी
-
शुक्र13विजया एकादशी
पारण 05:33–17:32 शनि
-
शुक्र27आमलकी एकादशी
पारण 05:35–17:49 शनि
मार्च 2026 में एकादशी
-
रवि15पापमोचनी एकादशी
पारण 05:33–11:11 सोम
-
रवि29कामदा एकादशी
पारण 05:32–08:40 सोम
अप्रैल 2026 में एकादशी
-
सोम13वरूथिनी एकादशी
पारण 08:25–17:28 मंगल
-
सोम27मोहिनी एकादशी
पारण 05:30–17:22 मंगल
मई 2026 में एकादशी
-
बुध13अपरा एकादशी
पारण 05:31–12:51 गुरु
-
बुध27पद्मिनी एकादशी
पारण 05:34–09:27 गुरु
जून 2026 में एकादशी
-
गुरु11परमा एकादशी
पारण 05:37–17:20 शुक्र
-
गुरु25निर्जला एकादशी
पारण 05:40–17:23 शुक्र
जुलाई 2026 में एकादशी
-
शनि11योगिनी एकादशी
पारण 05:42–17:26 रवि
-
शनि25देवशयनी एकादशी
पारण 05:42–15:28 रवि
अगस्त 2026 में एकादशी
-
रवि9कामिका एकादशी
पारण 05:39–09:31 सोम
-
सोम24श्रावण पुत्रदा एकादशी
पारण 05:33–07:51 मंगल
सितंबर 2026 में एकादशी
-
सोम7अजा एकादशी
पारण 05:26–16:13 मंगल
-
मंगल22पार्श्व एकादशी
पारण 05:30–17:25 बुध
अक्टूबर 2026 में एकादशी
-
मंगल6
-
गुरु22पापांकुशा एकादशी
पारण 05:04–16:06 शुक्र
नवंबर 2026 में एकादशी
-
गुरु5रमा एकादशी
पारण 05:01–12:01 शुक्र
-
शनि21देवउठनी एकादशी
पारण 05:01–06:27 रवि
दिसंबर 2026 में एकादशी
-
शुक्र4उत्पन्ना एकादशी
पारण 07:32–17:35 शनि
-
रवि20मोक्षदा एकादशी
पारण 05:10–17:43 सोम
हर शहर के लिए एक ही, एकादशी 2026 के पेज पर:
एकादशी इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, गुरु 5 नवंबर, Gresik में
रमा एकादशी गुरु 5 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 12:33 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 12:33 बुध से 12:06 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (WIB)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 5 नवंबर को सूर्योदय पर है, 05:01: गुरु 5 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 12:33 बुध पर, उससे (03:25–05:01) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 6 नवंबर, 05:01–12:01
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 5 नवंबर 12:06 से शुक्र 6 नवंबर 12:01 तक है; हरिवासर 18:04 गुरु पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 6 नवंबर को सूर्योदय (05:01) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 07:29 तक, करते हैं।
नियम
कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।