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एकादशी 2026 दिफ्फा, नाइजर

समय WAT में

दिफ्फा में अगली एकादशी कब है?

गुरुवार 5 नवंबर

रमा एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

पारण
04:29–06:01 शुक्र
1 घं 32 मि · Tithika की परिपाटी

रमा एकादशी गुरु 5 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

दिफ्फा में गुरु 5 नवंबर का पूरा पंचांगगुरु 5 नवंबर क्यों?

Tithika में खोलेंदिफ्फा को अपने स्थानों में रखें: उसके आने वाले महीने आपके फ़ोन में सहेजे रहते हैं।

जनवरी 2026 में एकादशी

  1. बुध14
    षटतिला एकादशी

    पारण 06:36–15:47 गुरु

  2. गुरु29
    जया एकादशी

    पारण 06:36–06:39 शुक्र

फ़रवरी 2026 में एकादशी

  1. शुक्र13
    विजया एकादशी

    पारण 06:32–11:32 शनि

  2. शुक्र27
    आमलकी एकादशी

    पारण 06:26–16:13 शनि

मार्च 2026 में एकादशी

  1. शनि14
    पापमोचनी एकादशी

    पारण 10:53–18:20 रवि

  2. शनि28
    कामदा एकादशी

    पारण 09:07–18:21 रवि

अप्रैल 2026 में एकादशी

  1. सोम13
    वरूथिनी एकादशी

    पारण 05:57–18:22 मंगल

  2. सोम27
    मोहिनी एकादशी

    पारण 05:49–14:22 मंगल

मई 2026 में एकादशी

  1. बुध13
    अपरा एकादशी

    पारण 05:44–06:51 गुरु

  2. मंगल26
    पद्मिनी एकादशी

    पारण 08:16–18:31 बुध

जून 2026 में एकादशी

  1. गुरु11
    परमा एकादशी

    पारण 05:42–15:07 शुक्र

  2. गुरु25
    निर्जला एकादशी

    पारण 05:45–17:52 शुक्र

जुलाई 2026 में एकादशी

  1. शुक्र10
    योगिनी एकादशी

    पारण 06:03–18:40 शनि

  2. शनि25
    देवशयनी एकादशी

    पारण 05:53–09:28 रवि

अगस्त 2026 में एकादशी

  1. रवि9
    कामिका एकादशी

    पारण 05:56–18:33 सोम

  2. रवि23

सितंबर 2026 में एकादशी

  1. सोम7
    अजा एकादशी

    पारण 05:58–10:13 मंगल

  2. मंगल22
    पार्श्व एकादशी

    पारण 05:58–18:05 बुध

अक्टूबर 2026 में एकादशी

  1. मंगल6
    इंदिरा एकादशी

    पारण 05:59–17:55 बुध

  2. गुरु22
    पापांकुशा एकादशी

    पारण 06:01–10:06 शुक्र

नवंबर 2026 में एकादशी

  1. गुरु5
    रमा एकादशी

    पारण 04:29–06:01 शुक्र

  2. शुक्र20
    देवउठनी एकादशी

    पारण 07:38–17:39 शनि

दिसंबर 2026 में एकादशी

  1. शुक्र4
    उत्पन्ना एकादशी

    पारण 06:18–17:41 शनि

  2. रवि20
    मोक्षदा एकादशी

    पारण 06:27–13:06 सोम

एकादशी इन तारीख़ों पर क्यों है?

अगली बार, गुरु 5 नवंबर, दिफ्फा में

रमा एकादशी गुरु 5 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 06:33 से। एकादशी: 06:33 से 06:06 गुरु तक।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 06:33 बुध से 06:06 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 5 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:04: गुरु 5 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 06:33 बुध पर, उससे (04:28–06:04) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 6 नवंबर, 04:29–06:01 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)

द्वादशी शुक्र 6 नवंबर को 06:01 पर, अरुणोदय (04:29) लगने के बाद और सूर्योदय (06:05) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।

नियम

कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।

दूसरे वर्षों में एकादशी

दूसरी तिथियाँ और लिस्ट