एकादशी 2026 Deva, हूनेदोआरा काउंटी, रोमानिया
Deva का समय: EET, 29 मार्च–25 अक्टूबर EEST
Deva में अगली एकादशी कब है?
स्मार्त · गुरुवार 5 नवंबर
वैष्णव · शुक्रवार 6 नवंबर
स्मार्त परंपरा में रमा एकादशी बुध 4 नवंबर को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव गुरु 5 नवंबर को व्रत रखते हैं।
जनवरी 2026 में एकादशी EET
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बुध14षटतिला एकादशी
पारण 08:06–16:47 गुरु
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गुरु29जया एकादशी
पारण 06:16–07:39 शुक्र
फ़रवरी 2026 में एकादशी EET
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शुक्र13विजया एकादशी
पारण 07:32–12:32 शनि
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शुक्र27आमलकी एकादशी
पारण 07:09–17:13 शनि
मार्च 2026 में एकादशी EET · EEST
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शनि14पापमोचनी एकादशी
पारण 11:53–18:33 रवि EET
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शनि28
अप्रैल 2026 में एकादशी EEST
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सोम13वरूथिनी एकादशी
पारण 06:44–20:13 मंगल
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सोम27मोहिनी एकादशी
पारण 06:20–16:22 मंगल
मई 2026 में एकादशी EEST
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बुध13अपरा एकादशी
पारण 05:57–08:51 गुरु
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मंगल26पद्मिनी एकादशी
पारण 10:16–21:06 बुध
जून 2026 में एकादशी EEST
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गुरु11परमा एकादशी
पारण 05:37–17:07 शुक्र
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गुरु25निर्जला एकादशी
पारण 05:39–19:52 शुक्र
जुलाई 2026 में एकादशी EEST
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शुक्र10
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शनि25देवशयनी एकादशी
पारण 06:04–11:28 रवि
अगस्त 2026 में एकादशी EEST
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रवि9कामिका एकादशी
पारण 04:45–05:31 सोम
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रवि23श्रावण पुत्रदा एकादशी
पारण 08:19–20:21 सोम
सितंबर 2026 में एकादशी EEST
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सोम7अजा एकादशी
पारण 06:57–12:13 मंगल
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मंगल22पार्श्व एकादशी
पारण 07:16–19:24 बुध
अक्टूबर 2026 में एकादशी EEST
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मंगल6इंदिरा एकादशी
पारण 07:34–18:57 बुध
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गुरु22पापांकुशा एकादशी
पारण 07:55–12:06 शुक्र
नवंबर 2026 में एकादशी EET
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बुध4
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शुक्र20देवउठनी एकादशी
पारण 08:38–16:51 शनि
दिसंबर 2026 में एकादशी EET
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शुक्र4उत्पन्ना एकादशी
पारण 07:53–16:43 शनि
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रवि20मोक्षदा एकादशी
पारण 08:06–14:06 सोम
हर शहर के लिए एक ही, एकादशी 2026 के पेज पर:
एकादशी इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, बुध 4 नवंबर, Deva में
स्मार्त · स्मार्त परंपरा में रमा एकादशी बुध 4 नवंबर को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव गुरु 5 नवंबर को व्रत रखते हैं।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 07:33 से। एकादशी: 07:33 से 07:06 गुरु तक।
अरुणोदय में एकादशी केवल 07:06 तक; फिर द्वादशी। एकादशी: 07:33 बुध से 07:06 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह बुध 4 नवंबर को 07:33 पर, उस सूर्योदय (07:12) के बाद, लगती है और गुरु 5 नवंबर को 07:06 पर, अगले सूर्योदय (07:14 गुरु) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: बुध 4 नवंबर।
वैष्णव अरुणोदय देखते हैं, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। बुध 4 नवंबर को अरुणोदय (05:36–07:12) में दशमी है। गुरु 5 नवंबर को उसमें दशमी नहीं (एकादशी 07:06 तक, फिर द्वादशी): गुरु 5 नवंबर।
व्रत का पारण
स्मार्त · गुरु 5 नवंबर, 13:04–17:09 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 5 नवंबर 07:06 से शुक्र 6 नवंबर 07:01 तक है; हरिवासर 13:04 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (17:09) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:13 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।
वैष्णव · शुक्र 6 नवंबर, 05:39–07:01 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)
द्वादशी शुक्र 6 नवंबर को 07:01 पर, अरुणोदय (05:39) लगने के बाद और सूर्योदय (07:15) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।
नियम
कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।