एकादशी 2026 कांस्टैंटाइन, अल्जीरिया
समय CET में
कांस्टैंटाइन में अगली एकादशी कब है?
स्मार्त · गुरुवार 5 नवंबर
वैष्णव · शुक्रवार 6 नवंबर
स्मार्त परंपरा में रमा एकादशी बुध 4 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव गुरु 5 नवंबर को व्रत रखते हैं।
कांस्टैंटाइन में बुध 4 नवंबर का पूरा पंचांगबुध 4 नवंबर क्यों?
जनवरी 2026 में एकादशी
-
बुध14षटतिला एकादशी
पारण 07:44–15:47 गुरु
-
गुरु29जया एकादशी
पारण 06:00–06:39 शुक्र
फ़रवरी 2026 में एकादशी
-
शुक्र13विजया एकादशी
पारण 07:22–11:32 शनि
-
शुक्र27आमलकी एकादशी
पारण 07:05–16:13 शनि
मार्च 2026 में एकादशी
-
शनि14पापमोचनी एकादशी
पारण 10:53–18:40 रवि
-
शनि28कामदा एकादशी
पारण 09:07–18:53 रवि
अप्रैल 2026 में एकादशी
-
सोम13वरूथिनी एकादशी
पारण 06:01–19:06 मंगल
-
सोम27मोहिनी एकादशी
पारण 05:43–14:22 मंगल
मई 2026 में एकादशी
-
बुध13अपरा एकादशी
पारण 05:27–06:51 गुरु
-
मंगल26पद्मिनी एकादशी
पारण 08:16–19:42 बुध
जून 2026 में एकादशी
-
गुरु11परमा एकादशी
पारण 05:15–15:07 शुक्र
-
गुरु25निर्जला एकादशी
पारण 05:17–17:52 शुक्र
जुलाई 2026 में एकादशी
-
शुक्र10योगिनी एकादशी
पारण 06:03–19:53 शनि
-
शनि25देवशयनी एकादशी
पारण 05:35–09:28 रवि
अगस्त 2026 में एकादशी
-
रवि9कामिका एकादशी
पारण 05:47–19:30 सोम
-
रवि23श्रावण पुत्रदा एकादशी
पारण 06:19–19:12 सोम
सितंबर 2026 में एकादशी
-
सोम7अजा एकादशी
पारण 06:10–10:13 मंगल
-
मंगल22पार्श्व एकादशी
पारण 06:22–18:21 बुध
अक्टूबर 2026 में एकादशी
-
मंगल6इंदिरा एकादशी
पारण 06:33–18:08 बुध
-
गुरु22पापांकुशा एकादशी
पारण 06:47–10:06 शुक्र
नवंबर 2026 में एकादशी
-
बुध4
-
शुक्र20देवउठनी एकादशी
पारण 07:38–17:21 शनि
दिसंबर 2026 में एकादशी
-
शुक्र4उत्पन्ना एकादशी
पारण 07:30–17:18 शनि
-
रवि20मोक्षदा एकादशी
पारण 07:41–13:06 सोम
हर शहर के लिए एक ही, एकादशी 2026 के पेज पर:
एकादशी इन तारीख़ों पर क्यों है?
अगली बार, बुध 4 नवंबर, कांस्टैंटाइन में
स्मार्त · स्मार्त परंपरा में रमा एकादशी बुध 4 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव गुरु 5 नवंबर को व्रत रखते हैं।
दशमी 06:33 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 06:33 से 06:06 गुरु तक।
अरुणोदय में एकादशी केवल 06:06 तक; फिर द्वादशी। एकादशी: 06:33 बुध से 06:06 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 4 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:59: बुध 4 नवंबर।
वैष्णव अरुणोदय देखते हैं, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। बुध 4 नवंबर को दशमी 06:33 तक है, अरुणोदय (05:23–06:59) के भीतर, इसलिए वह एकादशी विद्ध है। एकादशी 06:06 पर समाप्त होती है, इसलिए वैष्णव गुरु 5 नवंबर को व्रत रखते हैं: गुरु 5 नवंबर।
व्रत का पारण
स्मार्त · गुरु 5 नवंबर, 12:04–17:33 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 5 नवंबर 06:06 से शुक्र 6 नवंबर 06:01 तक है; हरिवासर 12:04 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (17:33) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:07 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।
वैष्णव · शुक्र 6 नवंबर, 05:25–06:01 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)
द्वादशी शुक्र 6 नवंबर को 06:01 पर, अरुणोदय (05:25) लगने के बाद और सूर्योदय (07:01) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।
नियम
कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।