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एकादशी 2026 Chahārbāgh, अल्बोर्ज़ प्रांत, ईरान

समय UTC+3:30 में

Chahārbāgh में अगली एकादशी कब है?

देवउठनी एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

स्मार्त · शनिवार 21 नवंबर

पारण समय
10:08–16:56
6 घं 48 मि · Tithika की परिपाटी

वैष्णव · रविवार 22 नवंबर

पारण समय
06:49–16:55
10 घं 6 मि · Tithika की परिपाटी

स्मार्त परंपरा में देवउठनी एकादशी शुक्र 20 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव शनि 21 नवंबर को व्रत रखते हैं।

Chahārbāgh में शुक्र 20 नवंबर का पूरा पंचांगशुक्र 20 नवंबर क्यों?

Tithika में खोलेंChahārbāgh को अपने स्थानों में रखें: उसके आने वाले महीने आपके फ़ोन में सहेजे रहते हैं।

जनवरी 2026 में एकादशी

  1. बुध14
    षटतिला एकादशी

    पारण 07:16–17:16 गुरु

  2. गुरु29
    जया एकादशी

    पारण 07:08–09:09 शुक्र

फ़रवरी 2026 में एकादशी

  1. शुक्र13
    विजया एकादशी

    पारण 06:55–14:02 शनि

  2. शुक्र27
    आमलकी एकादशी

    पारण 06:38–18:00 शनि

मार्च 2026 में एकादशी

  1. रवि15
    पापमोचनी एकादशी

    पारण 06:16–07:41 सोम

  2. शनि28
    कामदा एकादशी

    स्मार्त: पारण 11:37–18:25 रवि

    वैष्णव: रवि 29 मार्च · पारण 04:20–05:10 सोम

अप्रैल 2026 में एकादशी

  1. सोम13
    वरूथिनी एकादशी

    पारण 05:35–18:39 मंगल

  2. सोम27
    मोहिनी एकादशी

    पारण 05:18–16:52 मंगल

मई 2026 में एकादशी

  1. बुध13
    अपरा एकादशी

    पारण 05:02–09:21 गुरु

  2. मंगल26
    पद्मिनी एकादशी

    पारण 10:46–19:14 बुध

जून 2026 में एकादशी

  1. गुरु11
    परमा एकादशी

    पारण 04:50–17:37 शुक्र

  2. गुरु25
    निर्जला एकादशी

    पारण 04:52–19:26 शुक्र

जुलाई 2026 में एकादशी

  1. शुक्र10
    योगिनी एकादशी

    स्मार्त: पारण 08:33–19:24 शनि

    वैष्णव: शनि 11 जुलाई · पारण 05:00–19:24 रवि

  2. शनि25
    देवशयनी एकादशी

    पारण 05:09–11:58 रवि

अगस्त 2026 में एकादशी

  1. रवि9
    कामिका एकादशी

    पारण 05:21–06:01 सोम

  2. रवि23

सितंबर 2026 में एकादशी

  1. सोम7
    अजा एकादशी

    पारण 05:43–12:43 मंगल

  2. मंगल22
    पार्श्व एकादशी

    पारण 05:55–18:02 बुध

अक्टूबर 2026 में एकादशी

  1. मंगल6
    इंदिरा एकादशी

    पारण 06:06–17:42 बुध

  2. गुरु22
    पापांकुशा एकादशी

    पारण 06:20–12:36 शुक्र

नवंबर 2026 में एकादशी

  1. गुरु5
    रमा एकादशी

    पारण 06:33–08:31 शुक्र

  2. शुक्र20
    देवउठनी एकादशी

    स्मार्त: पारण 10:08–16:56 शनि

    वैष्णव: शनि 21 नवंबर · पारण 06:49–16:55 रवि

दिसंबर 2026 में एकादशी

  1. शुक्र4
    उत्पन्ना एकादशी

    पारण 07:01–16:52 शनि

  2. रवि20
    मोक्षदा एकादशी

    पारण 07:12–15:36 सोम

एकादशी इन तारीख़ों पर क्यों है?

अगली बार, शुक्र 20 नवंबर, Chahārbāgh में

स्मार्त · स्मार्त परंपरा में देवउठनी एकादशी शुक्र 20 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव शनि 21 नवंबर को व्रत रखते हैं।

दशमी 05:16 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 05:16 से 04:32 शनि तक।

एकादशी 04:32 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी। एकादशी: 05:16 शुक्र से 04:32 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3:30)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 20 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:47: शुक्र 20 नवंबर।

वैष्णव

वैष्णव अरुणोदय देखते हैं, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। शुक्र 20 नवंबर को दशमी 05:16 तक है, अरुणोदय (05:11–06:47) के भीतर, इसलिए वह एकादशी विद्ध है। एकादशी 04:32 पर समाप्त होती है, इसलिए वैष्णव शनि 21 नवंबर को व्रत रखते हैं: शनि 21 नवंबर।

व्रत का पारण

स्मार्त · शनि 21 नवंबर, 10:08–16:56 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 21 नवंबर 04:32 से रवि 22 नवंबर 02:57 तक है; हरिवासर 10:08 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (16:56) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:50 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।

वैष्णव · रवि 22 नवंबर, 06:49–16:55 (त्रयोदशी, सूर्योदय से सूर्यास्त: Tithika की परिपाटी)

द्वादशी रवि 22 नवंबर को 02:57 पर, रात में, अरुणोदय (05:13) से पहले समाप्त होती है: रात में समाप्त द्वादशी को Tithika नहीं गिनता, उसकी परिपाटी। द्वादशी न हो तो निर्णयसिंधु पारण त्रयोदशी में कराता है: सूर्योदय (06:49) से सूर्यास्त (16:55) तक, क्योंकि पारण दिन का कर्म है: Tithika की परिपाटी।

नियम

कार्तिक शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।

दूसरे वर्षों में एकादशी

दूसरी तिथियाँ और लिस्ट