Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 28 अगस्त 2031
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
पद्मिनी एकादशी
स्मार्त परंपरा में पद्मिनी एकादशी गुरु 28 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव शुक्र 29 अगस्त को व्रत रखते हैं। गुरु 28 अगस्त क्यों?
पद्मिनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़28 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 28 अगस्त
- 04:57–05:40ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:22 से
- 06:22–08:02शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:34–13:27अभिजीत मुहूर्त
- 13:00–14:40लाभ चौघड़िया
- 14:40–16:20अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 17:59–19:39शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:39 के बाद
- 19:39–20:59अमृत चौघड़िया
- 01:01–02:22 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:42–05:03 शुक्रशुभ चौघड़िया
-
03:53–05:21 शुक्रअमृत कालपूर्वाषाढा में
- 05:03–06:23 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:57–05:40 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:22–08:02शुभयमगण्ड में
- 08:02–09:41रोगअशुभ
- 09:41–11:21उद्वेगअशुभ
- 11:21–13:00चरसामान्य
- 13:00–14:40लाभशुभ
- 14:40–16:20अमृतराहु काल में
- 16:20–17:59कालअशुभ
- 17:59–19:39शुभ
रात का चौघड़िया
- 19:39–20:59अमृतशुभ
- 20:59–22:20चरसामान्य
- 22:20–23:40रोगअशुभ
- 23:40–01:01 शुक्रकालअशुभ
- 01:01–02:22 शुक्रलाभशुभ
- 02:22–03:42 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:42–05:03 शुक्रशुभ
- 05:03–06:23 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 28 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:57–05:40, शुभ
- शुभ, 06:22–08:02
- रोग, अशुभ, 08:02–09:41
- उद्वेग, अशुभ, 09:41–11:21
- चर, सामान्य, 11:21–13:00
- लाभ, शुभ, 13:00–14:40
- अमृत, शुभ, 14:40–16:20
- काल, अशुभ, 16:20–17:59
- शुभ, 17:59–19:39
- अमृत, शुभ, 19:39–20:59
- चर, सामान्य, 20:59–22:20
- रोग, अशुभ, 22:20–23:40
- काल, अशुभ, 23:40–01:01 शुक्र
- लाभ, शुभ, 01:01–02:22 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:22–03:42 शुक्र
- शुभ, 03:42–05:03 शुक्र
- अमृत, शुभ, 05:03–06:23 शुक्र
- यमगण्ड, 06:22–08:02, अशुभ
- गुलिक काल, 09:41–11:21, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:48–11:41, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:34–13:27, शुभ
- राहु काल, 14:40–16:20, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:06–16:59, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:57–05:40 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में पद्मिनी एकादशी गुरु 28 अगस्त को क्यों है?
स्मार्त परंपरा में पद्मिनी एकादशी गुरु 28 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव शुक्र 29 अगस्त को व्रत रखते हैं।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 28 अगस्त को सूर्योदय पर है, 06:22: गुरु 28 अगस्त।
गुरु 28 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 120.6° आगे था: शुक्ल एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:22। दशमी उससे पहले 05:23 पर समाप्त हुई। एकादशी 02:30 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 18 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में दशमी क्यों है?
नई दिल्ली में दशमी है, Sevan में एकादशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:57, दशमी की समाप्ति 06:53 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है। एकादशी अगले सूर्योदय से पहले, 04:00 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता: वह क्षय है।
Sevan · UTC+4
यहाँ सूर्योदय, 06:22, दशमी की समाप्ति 05:23 के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।
गुरु 28 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:57–05:40
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:57–05:40।
बुध 27 अगस्त की रात सूर्यास्त 19:40 बुध से सूर्योदय 06:22 तक थी, 10 घं 42 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 28 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:34–13:27
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:34–13:27।
गुरु 28 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 10:48–11:41
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:48–11:41 और 16:06–16:59।
गुरु 28 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 16:06–16:59
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:48–11:41 और 16:06–16:59।
यहाँ दिन, 06:22 से 19:39, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:48–11:41 और 16:06–16:59।
गुरु 28 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:22–08:02 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:22 से 19:39, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:39 से 06:23 शुक्र, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 28 अगस्त को राहुकाल कब है? 14:40–16:20
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:40–16:20।
गुरु 28 अगस्त को यमगंड कब है? 06:22–08:02
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:22–08:02।
गुरु 28 अगस्त को गुलिक काल कब है? 09:41–11:21
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:41–11:21।
यहाँ दिन 06:22 से 19:39 तक है, 13 घं 17 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 28 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:22
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:22, सूर्यास्त 19:39, 13 घं 17 मि का दिन।
गुरु 28 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:39
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:22, सूर्यास्त 19:39, 13 घं 17 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 28 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 250.9° पर था: मूल, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 250° पर उसके पद 4 में आया। वह 10:26 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
गुरु 28 अगस्त को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 381.2° थे, एक चक्कर और 21.2°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 130.3° + 250.9° = 381.2°, एक पूरा चक्कर और 21.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 14:50 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
गुरु 28 अगस्त को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 120.6° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 15:59 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 02:30 शुक्र तक।
गुरु 28 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:22, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:22 से 06:23 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 28 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद (अधिक)
18 अगस्त और 16 सितंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक भाद्रपद।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 18 अगस्त 08:32 सोम से 16 सितंबर 22:46 मंगल तक सूर्य सिंह में रहा; कन्या में वह अमावस्या के बाद 17 सितंबर 13:19 बुध को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक भाद्रपद है, जो भाद्रपद से पहले आता है।
गुरु 28 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद (अधिक) है।
गुरु 28 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2088 · शक 1953
विक्रम संवत 2088 23 मार्च 2031 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 2031, 07:49 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 152.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2088 गिनता है; शक संवत 1953।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 28 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:31
चंद्रमा यहाँ 16:31 पर उदय होता है।
गुरु 28 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:39 शुक्र
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:31 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:39 शुक्र पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:31 पर उदय हुआ; वह फिर 02:39 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।