Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 2 जुलाई 2015
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा गुरु 2 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। गुरु 2 जुलाई क्यों?
पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़2 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 2 जुलाई
- 04:21–04:57ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:33 से
- 05:33–07:26शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:33–13:33अभिजीत मुहूर्त
- 13:03–14:56लाभ चौघड़िया
- 14:56–16:49अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 18:41–20:34शुभ चौघड़िया
-
20:12–21:43अमृत कालपूर्वाषाढा में
- सूर्यास्त 20:34 के बाद
- 20:34–21:41अमृत चौघड़िया
- 01:04–02:11 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:19–04:26 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:26–05:33 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:22–04:58 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:33–07:26शुभयमगण्ड में
- 07:26–09:18रोगअशुभ
- 09:18–11:11उद्वेगअशुभ
- 11:11–13:03चरसामान्य
- 13:03–14:56लाभशुभ
- 14:56–16:49अमृतराहु काल में
- 16:49–18:41कालअशुभ
- 18:41–20:34शुभ
रात का चौघड़िया
- 20:34–21:41अमृतशुभ
- 21:41–22:49चरसामान्य
- 22:49–23:56रोगअशुभ
- 23:56–01:04 शुक्रकालअशुभ
- 01:04–02:11 शुक्रलाभशुभ
- 02:11–03:19 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:19–04:26 शुक्रशुभ
- 04:26–05:33 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 2 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:21–04:57, शुभ
- शुभ, 05:33–07:26
- रोग, अशुभ, 07:26–09:18
- उद्वेग, अशुभ, 09:18–11:11
- चर, सामान्य, 11:11–13:03
- लाभ, शुभ, 13:03–14:56
- अमृत, शुभ, 14:56–16:49
- काल, अशुभ, 16:49–18:41
- शुभ, 18:41–20:34
- अमृत, शुभ, 20:34–21:41
- चर, सामान्य, 21:41–22:49
- रोग, अशुभ, 22:49–23:56
- काल, अशुभ, 23:56–01:04 शुक्र
- लाभ, शुभ, 01:04–02:11 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:11–03:19 शुक्र
- शुभ, 03:19–04:26 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:26–05:33 शुक्र
- यमगण्ड, 05:33–07:26, अशुभ
- गुलिक काल, 09:18–11:11, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:33–11:33, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:33–13:33, शुभ
- राहु काल, 14:56–16:49, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:34–17:34, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:22–04:58 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में पूर्णिमा गुरु 2 जुलाई को क्यों है?
पूर्णिमा गुरु 2 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा बुध 1 जुलाई को 08:00 से गुरु 2 जुलाई को 06:19 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 2 जुलाई के सूर्योदय (05:33) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
गुरु 2 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 179.6° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:33। चतुर्दशी उससे पहले 08:00 बुध पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 06:19 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 16 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
प्रतिपदा क्षय क्यों है?
प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 06:19 को शुरू हुई और 04:12 शुक्र को समाप्त, 05:33 और 05:33 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को पूर्णिमा है और शुक्रवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।
गुरु 2 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:21–04:57
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:21–04:57।
बुध 1 जुलाई की रात सूर्यास्त 20:34 बुध से सूर्योदय 05:33 तक थी, 8 घं 59 मि। इसे 35 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 2 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:33–13:33
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:33–13:33।
गुरु 2 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 10:33–11:33
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:33–11:33 और 16:34–17:34।
गुरु 2 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:34–17:34
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:33–11:33 और 16:34–17:34।
यहाँ दिन, 05:33 से 20:34, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 0 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:33–11:33 और 16:34–17:34।
गुरु 2 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:33–07:26 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:33 से 20:34, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:34 से 05:33 शुक्र, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 2 जुलाई को राहुकाल कब है? 14:56–16:49
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:56–16:49।
गुरु 2 जुलाई को यमगंड कब है? 05:33–07:26
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:33–07:26।
गुरु 2 जुलाई को गुलिक काल कब है? 09:18–11:11
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:18–11:11।
यहाँ दिन 05:33 से 20:34 तक है, 15 घं 1 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 2 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:33
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:33, सूर्यास्त 20:34, 15 घं 1 मि का दिन।
गुरु 2 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:33, सूर्यास्त 20:34, 15 घं 1 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 2 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 255.4° पर था: पूर्वाषाढा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 253°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 00:44 शुक्र को निकलेगा, उत्तराषाढा में।
गुरु 2 जुलाई को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 331.2° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 75.8° + 255.4° = 331.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 08:57 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
गुरु 2 जुलाई को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 179.6° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 19:13 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 06:19 तक है।
गुरु 2 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:33, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:33 से 05:33 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 2 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)
16 जून और 16 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 जून 18:05 मंगल से 16 जुलाई 05:24 गुरु तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 17 जुलाई 02:32 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।
गुरु 2 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ (अधिक) है।
गुरु 2 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937
विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 13:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 100.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 2 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:37
चंद्रमा यहाँ 20:37 पर उदय होता है।
गुरु 2 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:55
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 05:55 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:37 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 05:55 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:37 पर उदय होगा।