Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 1 जुलाई 2015
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
1 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 1 जुलाई
- 04:21–04:57ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:32 से
- 05:32–07:25लाभ चौघड़िया
- 07:25–09:18अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:11–13:03शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 18:41–20:34लाभ चौघड़िया
-
19:49–21:22अमृत कालमूल में
- सूर्यास्त 20:34 के बाद
- 21:41–22:49शुभ चौघड़िया
- 22:49–23:56अमृत चौघड़िया
- 03:18–04:26 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:21–04:57 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:32–07:25लाभशुभ
- 07:25–09:18अमृतयमगण्ड में
- 09:18–11:11कालअशुभ
- 11:11–13:03शुभगुलिक काल में
- 13:03–14:56रोगअशुभ
- 14:56–16:49उद्वेगअशुभ
- 16:49–18:41चरसामान्य
- 18:41–20:34लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:34–21:41उद्वेगअशुभ
- 21:41–22:49शुभ
- 22:49–23:56अमृतशुभ
- 23:56–01:03 गुरुचरसामान्य
- 01:03–02:11 गुरुरोगअशुभ
- 02:11–03:18 गुरुकालअशुभ
- 03:18–04:26 गुरुलाभशुभ
- 04:26–05:33 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 1 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:21–04:57, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:32–07:25
- अमृत, शुभ, 07:25–09:18
- काल, अशुभ, 09:18–11:11
- शुभ, 11:11–13:03
- रोग, अशुभ, 13:03–14:56
- उद्वेग, अशुभ, 14:56–16:49
- चर, सामान्य, 16:49–18:41
- लाभ, शुभ, 18:41–20:34
- उद्वेग, अशुभ, 20:34–21:41
- शुभ, 21:41–22:49
- अमृत, शुभ, 22:49–23:56
- चर, सामान्य, 23:56–01:03 गुरु
- रोग, अशुभ, 01:03–02:11 गुरु
- काल, अशुभ, 02:11–03:18 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:18–04:26 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:26–05:33 गुरु
- यमगण्ड, 07:25–09:18, अशुभ
- गुलिक काल, 11:11–13:03, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:33–13:33, अशुभ
- राहु काल, 13:03–14:56, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:21–04:57 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 1 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 166.7° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:32। त्रयोदशी उससे पहले 09:07 मंगल पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 08:00 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 16 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 1 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:21–04:57
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:21–04:57।
मंगल 30 जून की रात सूर्यास्त 20:34 मंगल से सूर्योदय 05:32 तक थी, 8 घं 58 मि। इसे 35 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:33–13:33
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:33–13:33।
यहाँ दिन, 05:32 से 20:34, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 0 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:33–13:33: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 1 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:32–07:25 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:32 से 20:34, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:34 से 05:33 गुरु, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 1 जुलाई को राहुकाल कब है? 13:03–14:56
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:03–14:56।
बुध 1 जुलाई को यमगंड कब है? 07:25–09:18
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:25–09:18।
बुध 1 जुलाई को गुलिक काल कब है? 11:11–13:03
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:11–13:03।
यहाँ दिन 05:32 से 20:34 तक है, 15 घं 2 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 1 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:32, सूर्यास्त 20:34, 15 घं 2 मि का दिन।
बुध 1 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:32, सूर्यास्त 20:34, 15 घं 2 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 1 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 241.6° पर था: मूल, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 240° पर उसके पद 1 में आया। वह 02:00 गुरु को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
बुध 1 जुलाई को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 316.5° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 74.9° + 241.6° = 316.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 11:24 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
बुध 1 जुलाई को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 166.7° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 20:38 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 08:00 तक है।
बुध 1 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:32, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:32 से 05:33 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)
16 जून और 16 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 जून 18:05 मंगल से 16 जुलाई 05:24 गुरु तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 17 जुलाई 02:32 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।
बुध 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ (अधिक) है।
बुध 1 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937
विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 13:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 99.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 1 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:45
चंद्रमा यहाँ 19:45 पर उदय होता है।
चंद्रमा 19:45 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।