Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 16 मार्च 2015
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
पापमोचनी एकादशी
स्मार्त परंपरा में पापमोचनी एकादशी सोम 16 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव मंगल 17 मार्च को व्रत रखते हैं। सोम 16 मार्च क्यों?
पापमोचनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़16 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 16 मार्च
- 05:34–06:22ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:10 से
- 07:10–08:40अमृत चौघड़िया
- 10:10–11:39शुभ चौघड़िया
- 13:09–13:32अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 16:43–17:37लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 17:37–19:07अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:07 के बाद
- 23:38–01:08 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:38–04:08 मंगलशुभ चौघड़िया
- 04:08–05:39 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:33–06:21 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:10–08:40अमृतशुभ
- 08:40–10:10कालअशुभ
- 10:10–11:39शुभ
- 11:39–13:09रोगअशुभ
- 13:09–14:38उद्वेगअशुभ
- 14:38–16:08चरसामान्य
- 16:08–17:37लाभशुभ
- 17:37–19:07अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:07–20:37चरसामान्य
- 20:37–22:07रोगअशुभ
- 22:07–23:38कालअशुभ
- 23:38–01:08 मंगललाभशुभ
- 01:08–02:38 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:38–04:08 मंगलशुभ
- 04:08–05:39 मंगलअमृतशुभ
- 05:39–07:09 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 16 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:34–06:22, शुभ
- अमृत, शुभ, 07:10–08:40
- काल, अशुभ, 08:40–10:10
- शुभ, 10:10–11:39
- रोग, अशुभ, 11:39–13:09
- उद्वेग, अशुभ, 13:09–14:38
- चर, सामान्य, 14:38–16:08
- लाभ, शुभ, 16:08–17:37
- अमृत, शुभ, 17:37–19:07
- चर, सामान्य, 19:07–20:37
- रोग, अशुभ, 20:37–22:07
- काल, अशुभ, 22:07–23:38
- लाभ, शुभ, 23:38–01:08 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 01:08–02:38 मंगल
- शुभ, 02:38–04:08 मंगल
- अमृत, शुभ, 04:08–05:39 मंगल
- चर, सामान्य, 05:39–07:09 मंगल
- राहु काल, 08:40–10:10, अशुभ
- यमगण्ड, 11:39–13:09, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:45–13:32, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:32–14:20, अशुभ
- गुलिक काल, 14:38–16:08, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:56–16:43, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:33–06:21 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में पापमोचनी एकादशी सोम 16 मार्च को क्यों है?
स्मार्त परंपरा में पापमोचनी एकादशी सोम 16 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव मंगल 17 मार्च को व्रत रखते हैं।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 16 मार्च को सूर्योदय पर है, 07:10: सोम 16 मार्च।
सोम 16 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 300.6° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:10। दशमी उससे पहले 06:08 पर समाप्त हुई। एकादशी 03:31 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 5 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में दशमी क्यों है?
नई दिल्ली में दशमी है, Sevan में एकादशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:30, दशमी की समाप्ति 07:38 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है। एकादशी अगले सूर्योदय से पहले, 05:01 मंगल को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता: वह क्षय है।
Sevan · UTC+4
यहाँ सूर्योदय, 07:10, दशमी की समाप्ति 06:08 के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।
सोम 16 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:34–06:22
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:34–06:22।
रवि 15 मार्च की रात सूर्यास्त 19:06 रवि से सूर्योदय 07:10 तक थी, 12 घं 4 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 16 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:45–13:32
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:45–13:32।
सोम 16 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 13:32–14:20
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:32–14:20 और 15:56–16:43।
सोम 16 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 15:56–16:43
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:32–14:20 और 15:56–16:43।
यहाँ दिन, 07:10 से 19:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:32–14:20 और 15:56–16:43।
सोम 16 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:10–08:40 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:10 से 19:07, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:07 से 07:09 मंगल, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 16 मार्च को राहुकाल कब है? 08:40–10:10
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:40–10:10।
सोम 16 मार्च को यमगंड कब है? 11:39–13:09
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:39–13:09।
सोम 16 मार्च को गुलिक काल कब है? 14:38–16:08
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:38–16:08।
यहाँ दिन 07:10 से 19:07 तक है, 11 घं 57 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 16 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 07:10
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:10, सूर्यास्त 19:07, 11 घं 57 मि का दिन।
सोम 16 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:07
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:10, सूर्यास्त 19:07, 11 घं 57 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 16 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 271.7° पर था: उत्तराषाढा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 270° पर उसके पद 2 में आया। वह 20:58 को निकलेगा, श्रवण में।
सोम 16 मार्च को कौन सा योग है? परिघ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 602.8° थे, एक चक्कर और 242.8°: परिघ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 331.1° + 271.7° = 602.8°, एक पूरा चक्कर और 242.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 23:29 को समाप्त होता है, फिर शिव।
सोम 16 मार्च को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 300.6° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 16:54 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 03:31 मंगल तक।
सोम 16 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:10, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:10 से 07:09 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 16 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 19 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 15 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 20 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
सोम 16 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 मार्च की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।
सोम 16 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2071 · शक 1936
विक्रम संवत 2071 30 मार्च 2014 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2014, 22:44 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 345.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2071 गिनता है; शक संवत 1936।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 16 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:51 मंगल
चंद्रमा यहाँ 04:51 मंगल पर उदय होता है।
सोम 16 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:35
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:35 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:51 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:35 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:51 मंगल पर उदय होगा।