tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 29 सितंबर 2001

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

द्वादशी

शुक्ल पक्ष · 12:16 तक

फिर त्रयोदशी · 14:41 रवि तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
19:45⁠–⁠22:11
प्रदोष काल 19:45⁠–⁠22:11

प्रदोष व्रत शनि 29 सितंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। शनि 29 सितंबर क्यों?

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

व्रत का पारण

पद्मिनी एकादशी

पारण शनि 29 सितंबर, 07:54⁠–⁠12:16
पद्मिनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:17 07:54 19:45अगला सूर्योदय 07:55 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:54–09:23कालअशुभ
  • 09:23–10:52शुभ
  • 10:52–12:21रोगअशुभ
  • 12:21–13:50उद्वेगअशुभ
  • 13:50–15:18चरसामान्य
  • 15:18–16:47लाभयमगण्ड में
  • 16:47–18:16अमृतशुभ
  • 18:16–19:45कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:45–21:16लाभशुभ
  • 21:16–22:48उद्वेगअशुभ
  • 22:48–00:19 रविशुभ
  • 00:19–01:50 रविअमृतशुभ
  • 01:50–03:21 रविचरसामान्य
  • 03:21–04:52 रविरोगअशुभ
  • 04:52–06:24 रविकालअशुभ
  • 06:24–07:55 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 29 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:17–07:05, शुभ
  • काल, अशुभ, 07:54–09:23
  • शुभ, 09:23–10:52
  • रोग, अशुभ, 10:52–12:21
  • उद्वेग, अशुभ, 12:21–13:50
  • चर, सामान्य, 13:50–15:18
  • लाभ, शुभ, 15:18–16:47
  • अमृत, शुभ, 16:47–18:16
  • काल, अशुभ, 18:16–19:45
  • लाभ, शुभ, 19:45–21:16
  • उद्वेग, अशुभ, 21:16–22:48
  • शुभ, 22:48–00:19 रवि
  • अमृत, शुभ, 00:19–01:50 रवि
  • चर, सामान्य, 01:50–03:21 रवि
  • रोग, अशुभ, 03:21–04:52 रवि
  • काल, अशुभ, 04:52–06:24 रवि
  • लाभ, शुभ, 06:24–07:55 रवि
  • गुलिक काल, 07:54–09:23, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:54–08:41, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:41–09:29, अशुभ
  • राहु काल, 10:52–12:21, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:26–14:13, शुभ
  • यमगण्ड, 15:18–16:47, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:17–07:06 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में प्रदोष व्रत शनि 29 सितंबर को क्यों है?

प्रदोष व्रत शनि 29 सितंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

त्रयोदशी 18:00 20:00 22:00 00:00 शनि 29 सितंबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 19:45–22:11
त्रयोदशी 18:00 20:00 22:00 00:00 शनि 29 सितंबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 19:45–22:11
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शनि 29 सितंबर को 12:16 से रवि 30 सितंबर को 14:41 तक है, इसलिए केवल शनिवार का प्रदोष काल (19:45–22:11) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

शनि 29 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 142° आगे था: शुक्ल द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 142.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 142.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:54। एकादशी उससे पहले 09:44 शुक्र पर समाप्त हुई। द्वादशी 12:16 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 17 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शनि 29 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:17–07:05

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:17–07:05।

सूर्यास्त 19:47 शुक्र सूर्योदय 07:54 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 28 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:47 शुक्र सूर्योदय 07:54 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 28 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 28 सितंबर की रात सूर्यास्त 19:47 शुक्र से सूर्योदय 07:54 तक थी, 12 घं 7 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 29 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:26–14:13

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:26–14:13।

शनि 29 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:54–08:41

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:54–08:41 और 08:41–09:29।

शनि 29 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:41–09:29

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:54–08:41 और 08:41–09:29।

सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 19:45 सूर्योदय 07:55 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 19:45 सूर्योदय 07:55 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 07:54 से 19:45, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:54–08:41 और 08:41–09:29।

शनि 29 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:54–09:23 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 19:45 सूर्योदय 07:55 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 19:45 सूर्योदय 07:55 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:54 से 19:45, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:45 से 07:55 रवि, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 29 सितंबर को राहुकाल कब है? 10:52–12:21

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:52–12:21।

शनि 29 सितंबर को यमगंड कब है? 15:18–16:47

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:18–16:47।

शनि 29 सितंबर को गुलिक काल कब है? 07:54–09:23

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:54–09:23।

सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 19:45 सूर्योदय 07:55 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 19:45 सूर्योदय 07:55 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 07:54 से 19:45 तक है, 11 घं 51 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 29 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:54, सूर्यास्त 19:45, 11 घं 51 मि का दिन।

शनि 29 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:45

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:54, सूर्यास्त 19:45, 11 घं 51 मि का दिन।

सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 19:45 सूर्योदय 07:55 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:28 रवि चंद्रोदय 18:45
सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 19:45 सूर्योदय 07:55 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:28 रवि चंद्रोदय 18:45
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 29 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 304.2° पर था: धनिष्ठा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 304.2° अगला: शतभिषा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 304.2° अगला: शतभिषा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 303°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 12:56 को निकलेगा, शतभिषा में।

शनि 29 सितंबर को कौन सा योग है? धृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 466.4° थे, एक चक्कर और 106.4°: धृति।

सूर्य 162.2° + चंद्रमा 304.2° = 466.4° एक चक्कर + 106.4° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 162.2° + चंद्रमा 304.2° = 466.4° एक चक्कर + 106.4° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 162.2° + 304.2° = 466.4°, एक पूरा चक्कर और 106.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 08:30 को समाप्त होता है, फिर शूल।

शनि 29 सितंबर को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 142° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 142.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बालव 138°–144° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 142.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बालव 138°–144° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 23:00 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 138° हुई; बालव 12:16 तक है।

शनि 29 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:54, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 19:45 सूर्योदय 07:55 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 19:45 सूर्योदय 07:55 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:54 से 07:55 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 29 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन (अधिक)

17 सितंबर और 17 अक्टूबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 सितंबर 15:27 सोम से 17 अक्टूबर 00:23 बुध तक सूर्य कन्या में रहा; तुला में वह अमावस्या के बाद 17 अक्टूबर 09:37 बुध को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आश्विन है, जो आश्विन से पहले आता है।

शनि 29 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन (अधिक) का है।

अमान्त आश्विन (अधिक) पूर्णिमान्त आश्विन (अधिक) कृष्ण शुक्ल शनि 29 सितंबर पूर्णिमा 3 सित॰ अमावस्या 17 सित॰ पूर्णिमा 2 अक्टू॰ अमावस्या 17 अक्टू॰
अमान्त आश्विन (अधिक) पूर्णिमान्त आश्विन (अधिक) कृष्ण शुक्ल शनि 29 सितंबर पूर्णिमा 3 सित॰ अमावस्या 17 सित॰ पूर्णिमा 2 अक्टू॰ अमावस्या 17 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन (अधिक) है।

शनि 29 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2058 · शक 1923

विक्रम संवत 2058 25 मार्च 2001 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 2001 06:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 29 सितंबर सूर्य 162.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 2001 06:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 29 सितंबर सूर्य 162.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 2001, 06:21 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 181.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2058 गिनता है; शक संवत 1923।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 29 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:45

चंद्रमा यहाँ 18:45 पर उदय होता है।

शनि 29 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:28 रवि

सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 19:45 सूर्योदय 07:55 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:28 रवि चंद्रोदय 18:45
सूर्योदय 07:54 सूर्यास्त 19:45 सूर्योदय 07:55 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:28 रवि चंद्रोदय 18:45
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:45 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:28 रवि पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:45 पर उदय हुआ; वह फिर 05:28 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।