tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 12 मार्च 1998

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

त्योहार

होलिका दहन

होलिका दहन मुहूर्त
19:20⁠–⁠21:29
भद्रा के बाद 19:20⁠–⁠21:29

होलिका दहन गुरु 12 मार्च को है, भद्रा समाप्त होने (19:20) के बाद। गुरु 12 मार्च क्यों?

होलिका दहन: Sevan में हर तारीख़

व्रत

पूर्णिमा

पूर्णिमा गुरु 12 मार्च को है: पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है। गुरु 12 मार्च क्यों?

पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:39 07:17 19:03अगला सूर्योदय 07:15 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:17–08:45शुभयमगण्ड में
  • 08:45–10:13रोगअशुभ
  • 10:13–11:41उद्वेगअशुभ
  • 11:41–13:10चरसामान्य
  • 13:10–14:38लाभशुभ
  • 14:38–16:06अमृतराहु काल में
  • 16:06–17:34कालअशुभ
  • 17:34–19:03शुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:03–20:34अमृतशुभ
  • 20:34–22:06चरसामान्य
  • 22:06–23:37रोगअशुभ
  • 23:37–01:09 शुक्रकालअशुभ
  • 01:09–02:40 शुक्रलाभशुभ
  • 02:40–04:12 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 04:12–05:44 शुक्रशुभ
  • 05:44–07:15 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 12 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:39–06:28, शुभ
  • शुभ, 07:17–08:45
  • रोग, अशुभ, 08:45–10:13
  • उद्वेग, अशुभ, 10:13–11:41
  • चर, सामान्य, 11:41–13:10
  • लाभ, शुभ, 13:10–14:38
  • अमृत, शुभ, 14:38–16:06
  • काल, अशुभ, 16:06–17:34
  • शुभ, 17:34–19:03
  • अमृत, शुभ, 19:03–20:34
  • चर, सामान्य, 20:34–22:06
  • रोग, अशुभ, 22:06–23:37
  • काल, अशुभ, 23:37–01:09 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 01:09–02:40 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:40–04:12 शुक्र
  • शुभ, 04:12–05:44 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:44–07:15 शुक्र
  • यमगण्ड, 07:17–08:45, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:13–11:41, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:12–11:59, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:46–13:33, शुभ
  • राहु काल, 14:38–16:06, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:54–16:41, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:37–06:26 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में होलिका दहन गुरु 12 मार्च को क्यों है?

होलिका दहन गुरु 12 मार्च को है, भद्रा समाप्त होने (19:20) के बाद।

चतुर्दशी 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 बुध 11 मार्च प्रदोष काल 19:02–21:29
चतुर्दशी 18:00 20:00 22:00 बुध 11 मार्च प्रदोष काल 19:02–21:29
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

होलिका दहन प्रदोष काल में, भद्रा के बाहर, होता है: सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। पूर्णिमा गुरु 12 मार्च को 06:10 से शुक्र 13 मार्च को 08:34 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रदोष काल (19:03–21:29) उसके भीतर है। भद्रा 19:20 तक है, और धर्मसिंधु विधि भद्रा में नहीं करवाता: यह 19:20 से होती है।

होलिका दहन मुहूर्त: भद्रा के बाद का समय, 19:20–21:29।

होलिका दहन: Sevan में हर तारीख़

Sevan में पूर्णिमा गुरु 12 मार्च को क्यों है?

पूर्णिमा गुरु 12 मार्च को है: पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है।

पूर्णिमा 06:10 07:00 08:00 09:00 गुरु 12 मार्च स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 07:17 चतुर्दशी 06:10 तक
पूर्णिमा 06:10 07:00 08:00 09:00 गुरु 12 मार्च स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 07:17 चतुर्दशी 06:10 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा दोनों सूर्योदयों पर है, गुरु 12 मार्च को 07:17 और शुक्र 13 मार्च को 07:15। दो सूर्योदयों पर हो तो निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: गुरु 12 मार्च। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़

गुरु 12 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 168.5° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।

सूर्य अमावस्या 0° 168.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 168.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:17। चतुर्दशी उससे पहले 06:10 पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 08:34 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 26 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर क्यों है?

पूर्णिमा यहाँ गुरु 12 और शुक्र 13 मार्च दोनों के सूर्योदय पर है।

चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा गुरु 12 मार्च सुबह शुक्र 13 मार्च सुबह Sevan UTC+4 06:10 08:34 07:17 पूर्णिमा 07:15 पूर्णिमा पूर्णिमा इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा गुरु 12 मार्च सुबह शुक्र 13 मार्च सुबह Sevan UTC+4 06:10 08:34 07:17 पूर्णिमा 07:15 पूर्णिमा पूर्णिमा इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 06:10 को, सूर्योदय 07:17 से पहले, शुरू हुई और 08:34 शुक्र को, अगले सूर्योदय 07:15 शुक्र के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन पूर्णिमा है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?

नई दिल्ली में चतुर्दशी है, Sevan में पूर्णिमा।

चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा गुरु 12 मार्च सुबह शुक्र 13 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 07:40 06:10 10:04 08:34 06:34 चतुर्दशी 06:33 पूर्णिमा 07:17 पूर्णिमा 07:15 पूर्णिमा
चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा गुरु 12 मार्च सुबह शुक्र 13 मार्च सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 07:40 06:10 10:04 08:34 06:34 चतुर्दशी 06:33 पूर्णिमा 07:17 पूर्णिमा 07:15 पूर्णिमा
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:34, चतुर्दशी की समाप्ति 07:40 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।

Sevan · UTC+4

यहाँ सूर्योदय, 07:17, चतुर्दशी की समाप्ति 06:10 के बाद हुआ: यह दिन पूर्णिमा है।

गुरु 12 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:39–06:28

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:39–06:28।

सूर्यास्त 19:02 बुध सूर्योदय 07:17 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 11 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:02 बुध सूर्योदय 07:17 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 11 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 11 मार्च की रात सूर्यास्त 19:02 बुध से सूर्योदय 07:17 तक थी, 12 घं 15 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 12 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:46–13:33

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:46–13:33।

गुरु 12 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 11:12–11:59

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:12–11:59 और 15:54–16:41।

गुरु 12 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 15:54–16:41

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:12–11:59 और 15:54–16:41।

सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 07:15 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 07:15 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 07:17 से 19:03, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:12–11:59 और 15:54–16:41।

गुरु 12 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:17–08:45 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 07:15 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 07:15 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:17 से 19:03, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:03 से 07:15 शुक्र, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 12 मार्च को राहुकाल कब है? 14:38–16:06

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:38–16:06।

गुरु 12 मार्च को यमगंड कब है? 07:17–08:45

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:17–08:45।

गुरु 12 मार्च को गुलिक काल कब है? 10:13–11:41

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:13–11:41।

सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 07:15 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 07:15 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 07:17 से 19:03 तक है, 11 घं 46 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 12 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 07:17

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:17, सूर्यास्त 19:03, 11 घं 46 मि का दिन।

गुरु 12 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:03

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:17, सूर्यास्त 19:03, 11 घं 46 मि का दिन।

सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 07:15 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:26
सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 07:15 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:26
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 46 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 46 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 12 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 136° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाफाल्गुनी चंद्रमा 136.0° अगला: उत्तराफाल्गुनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाफाल्गुनी चंद्रमा 136.0° अगला: उत्तराफाल्गुनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 133°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 04:43 शुक्र को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।

गुरु 12 मार्च को कौन सा योग है? धृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 463.5° थे, एक चक्कर और 103.5°: धृति।

सूर्य 327.5° + चंद्रमा 136.0° = 463.5° एक चक्कर + 103.5° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 327.5° + चंद्रमा 136.0° = 463.5° एक चक्कर + 103.5° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 327.5° + 136° = 463.5°, एक पूरा चक्कर और 103.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 13:05 को समाप्त होता है, फिर शूल।

गुरु 12 मार्च को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 168.5° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 168.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° विष्टि 168°–174° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 168.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° विष्टि 168°–174° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 19:20 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 08:34 शुक्र तक।

गुरु 12 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:17, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 07:15 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 07:15 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:17 से 07:15 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 12 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन

यह मास 26 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 28 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।

गुरु 12 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन का है।

अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल गुरु 12 मार्च पूर्णिमा 11 फ़र॰ अमावस्या 26 फ़र॰ पूर्णिमा 13 मार्च अमावस्या 28 मार्च
अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल गुरु 12 मार्च पूर्णिमा 11 फ़र॰ अमावस्या 26 फ़र॰ पूर्णिमा 13 मार्च अमावस्या 28 मार्च
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन है।

गुरु 12 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2054 · शक 1919

विक्रम संवत 2054 7 अप्रैल 1997 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 1997 16:01 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 12 मार्च सूर्य 327.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 1997 16:01 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 12 मार्च सूर्य 327.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 1997, 16:01 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 333.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2054 गिनता है; शक संवत 1919।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 12 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:26

चंद्रमा यहाँ 18:26 पर उदय होता है।

सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 07:15 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:26
सूर्योदय 07:17 सूर्यास्त 19:03 सूर्योदय 07:15 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:26
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा 18:26 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।