Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 29 जुलाई 1985
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत सोम 29 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। सोम 29 जुलाई क्यों?
प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़व्रत का पारण
पद्मिनी एकादशी
29 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 29 जुलाई
- 05:37–06:15ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:53 से
- 06:53–08:42अमृत चौघड़िया
- 10:30–12:18शुभ चौघड़िया
- 14:06–14:34अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
-
14:06–14:34अमृत कालयमगण्ड, दुर्मुहूर्त छोड़कर · मूल में
- 18:25–19:30लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 19:30–21:18अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 21:18 के बाद
- 00:54–02:06 मंगललाभ चौघड़िया
- 03:18–04:30 मंगलशुभ चौघड़िया
- 04:30–05:42 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:38–06:16 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:53–08:42अमृतशुभ
- 08:42–10:30कालअशुभ
- 10:30–12:18शुभ
- 12:18–14:06रोगअशुभ
- 14:06–15:54उद्वेगअशुभ
- 15:54–17:42चरसामान्य
- 17:42–19:30लाभशुभ
- 19:30–21:18अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 21:18–22:30चरसामान्य
- 22:30–23:42रोगअशुभ
- 23:42–00:54 मंगलकालअशुभ
- 00:54–02:06 मंगललाभशुभ
- 02:06–03:18 मंगलउद्वेगअशुभ
- 03:18–04:30 मंगलशुभ
- 04:30–05:42 मंगलअमृतशुभ
- 05:42–06:54 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 29 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:37–06:15, शुभ
- अमृत, शुभ, 06:53–08:42
- काल, अशुभ, 08:42–10:30
- शुभ, 10:30–12:18
- रोग, अशुभ, 12:18–14:06
- उद्वेग, अशुभ, 14:06–15:54
- चर, सामान्य, 15:54–17:42
- लाभ, शुभ, 17:42–19:30
- अमृत, शुभ, 19:30–21:18
- चर, सामान्य, 21:18–22:30
- रोग, अशुभ, 22:30–23:42
- काल, अशुभ, 23:42–00:54 मंगल
- लाभ, शुभ, 00:54–02:06 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 02:06–03:18 मंगल
- शुभ, 03:18–04:30 मंगल
- अमृत, शुभ, 04:30–05:42 मंगल
- चर, सामान्य, 05:42–06:54 मंगल
- राहु काल, 08:42–10:30, अशुभ
- यमगण्ड, 12:18–14:06, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:37–14:34, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:34–15:32, अशुभ
- गुलिक काल, 15:54–17:42, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:27–18:25, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:38–06:16 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में प्रदोष व्रत सोम 29 जुलाई को क्यों है?
प्रदोष व्रत सोम 29 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी सोम 29 जुलाई को 07:12 से मंगल 30 जुलाई को 05:23 तक है, इसलिए केवल सोमवार का प्रदोष काल (21:18–23:13) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
सोम 29 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 143.8° आगे था: शुक्ल द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:53। एकादशी उससे पहले 09:11 रवि पर समाप्त हुई। द्वादशी 07:12 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 18 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
त्रयोदशी क्षय क्यों है?
त्रयोदशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 07:12 को शुरू हुई और 05:23 मंगल को समाप्त, 06:53 और 06:54 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को द्वादशी है और मंगलवार को चतुर्दशी: त्रयोदशी यहाँ क्षय तिथि है।
सोम 29 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:37–06:15
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:37–06:15।
रवि 28 जुलाई की रात सूर्यास्त 21:19 रवि से सूर्योदय 06:53 तक थी, 9 घं 34 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 29 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:37–14:34
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:37–14:34।
सोम 29 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 14:34–15:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 14:34–15:32 और 17:27–18:25।
सोम 29 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 17:27–18:25
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 14:34–15:32 और 17:27–18:25।
यहाँ दिन, 06:53 से 21:18, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 14:34–15:32 और 17:27–18:25।
सोम 29 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:53–08:42 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:53 से 21:18, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:18 से 06:54 मंगल, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 29 जुलाई को राहुकाल कब है? 08:42–10:30
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:42–10:30।
सोम 29 जुलाई को यमगंड कब है? 12:18–14:06
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 12:18–14:06।
सोम 29 जुलाई को गुलिक काल कब है? 15:54–17:42
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:54–17:42।
यहाँ दिन 06:53 से 21:18 तक है, 14 घं 25 मि। इसे 1 घं 48 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 29 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:53
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:53, सूर्यास्त 21:18, 14 घं 25 मि का दिन।
सोम 29 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:53, सूर्यास्त 21:18, 14 घं 25 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 29 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 246.1° पर था: मूल, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 243°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 19:21 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
सोम 29 जुलाई को कौन सा योग है? वैधृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 348.4° थे: वैधृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 102.3° + 246.1° = 348.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 01:40 मंगल को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।
सोम 29 जुलाई को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 143.8° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 20:10 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 138° हुई; बालव 07:12 तक है।
सोम 29 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:53, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:53 से 06:54 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 29 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)
18 जुलाई और 16 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 18 जुलाई 04:56 गुरु से 16 अगस्त 15:05 शुक्र तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 16 अगस्त 19:23 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।
सोम 29 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण (अधिक) है।
सोम 29 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2042 · शक 1907
विक्रम संवत 2042 21 मार्च 1985 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 1985, 15:58 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 125.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2042 गिनता है; शक संवत 1907।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 29 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:49
चंद्रमा यहाँ 19:49 पर उदय होता है।
सोम 29 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:40 मंगल
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 19:49 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:40 मंगल पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 19:49 पर उदय हुआ; वह फिर 04:40 मंगल पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।