Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग रवि 28 जुलाई 1985
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
व्रत
पद्मिनी एकादशी
पद्मिनी एकादशी रवि 28 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। रवि 28 जुलाई क्यों?
पद्मिनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़28 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 28 जुलाई
- 05:36–06:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:53 से
- 10:29–12:17लाभ चौघड़िया
-
12:08–13:39अमृत कालज्येष्ठा में
- 12:17–14:06अमृत चौघड़िया
- 13:37–14:06अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:54–17:42शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 21:19 के बाद
- 21:19–22:31शुभ चौघड़िया
- 22:31–23:42अमृत चौघड़िया
- 03:18–04:30 सोमलाभ चौघड़िया
- 05:42–06:53 सोमशुभ चौघड़िया
- 05:37–06:15 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:53–08:41उद्वेगअशुभ
- 08:41–10:29चरसामान्य
- 10:29–12:17लाभशुभ
- 12:17–14:06अमृतशुभ
- 14:06–15:54कालअशुभ
- 15:54–17:42शुभ
- 17:42–19:31रोगअशुभ
- 19:31–21:19उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 21:19–22:31शुभ
- 22:31–23:42अमृतशुभ
- 23:42–00:54 सोमचरसामान्य
- 00:54–02:06 सोमरोगअशुभ
- 02:06–03:18 सोमकालअशुभ
- 03:18–04:30 सोमलाभशुभ
- 04:30–05:42 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:42–06:53 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 28 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:36–06:14, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:53–08:41
- चर, सामान्य, 08:41–10:29
- लाभ, शुभ, 10:29–12:17
- अमृत, शुभ, 12:17–14:06
- काल, अशुभ, 14:06–15:54
- शुभ, 15:54–17:42
- रोग, अशुभ, 17:42–19:31
- उद्वेग, अशुभ, 19:31–21:19
- शुभ, 21:19–22:31
- अमृत, शुभ, 22:31–23:42
- चर, सामान्य, 23:42–00:54 सोम
- रोग, अशुभ, 00:54–02:06 सोम
- काल, अशुभ, 02:06–03:18 सोम
- लाभ, शुभ, 03:18–04:30 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 04:30–05:42 सोम
- शुभ, 05:42–06:53 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 13:37–14:35, शुभ
- यमगण्ड, 14:06–15:54, अशुभ
- गुलिक काल, 17:42–19:31, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 19:23–20:21, अशुभ
- राहु काल, 19:31–21:19, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:37–06:15 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में पद्मिनी एकादशी रवि 28 जुलाई को क्यों है?
पद्मिनी एकादशी रवि 28 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 28 जुलाई को सूर्योदय पर है, 06:53: रवि 28 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 11:17 शनि पर, उससे (05:17–06:53) पहले, समाप्त हुई।
रवि 28 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 130.7° आगे था: शुक्ल एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:53। दशमी उससे पहले 11:17 शनि पर समाप्त हुई। एकादशी 09:11 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 18 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
रवि 28 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:36–06:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:36–06:14।
शनि 27 जुलाई की रात सूर्यास्त 21:20 शनि से सूर्योदय 06:53 तक थी, 9 घं 33 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 28 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:37–14:35
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:37–14:35।
रवि 28 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 19:23–20:21
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 19:23–20:21।
यहाँ दिन, 06:53 से 21:19, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 19:23–20:21।
रवि 28 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:53–08:41 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:53 से 21:19, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:19 से 06:53 सोम, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 28 जुलाई को राहुकाल कब है? 19:31–21:19
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 19:31–21:19।
रवि 28 जुलाई को यमगंड कब है? 14:06–15:54
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 14:06–15:54।
रवि 28 जुलाई को गुलिक काल कब है? 17:42–19:31
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 17:42–19:31।
यहाँ दिन 06:53 से 21:19 तक है, 14 घं 26 मि। इसे 1 घं 48 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 28 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:53
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:53, सूर्यास्त 21:19, 14 घं 26 मि का दिन।
रवि 28 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:19
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:53, सूर्यास्त 21:19, 14 घं 26 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 28 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 232° पर था: ज्येष्ठा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 230° पर उसके पद 2 में आया। वह 20:28 को निकलेगा, मूल में।
रवि 28 जुलाई को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 333.3° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 101.3° + 232° = 333.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 06:53 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
रवि 28 जुलाई को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 130.7° थी: एकादशी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 22:13 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 126° हुई; विष्टि 09:11 तक है।
रवि 28 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:53, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:53 से 06:53 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 28 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)
18 जुलाई और 16 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 18 जुलाई 04:56 गुरु से 16 अगस्त 15:05 शुक्र तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 16 अगस्त 19:23 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।
रवि 28 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण (अधिक) है।
रवि 28 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2042 · शक 1907
विक्रम संवत 2042 21 मार्च 1985 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 1985, 15:58 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 124.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2042 गिनता है; शक संवत 1907।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 28 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:43
चंद्रमा यहाँ 18:43 पर उदय होता है।
रवि 28 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:40 सोम
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:43 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:40 सोम पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:43 पर उदय हुआ; वह फिर 03:40 सोम पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।