Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 26 जुलाई 1920
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
पद्मिनी एकादशी
पद्मिनी एकादशी सोम 26 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। सोम 26 जुलाई क्यों?
पद्मिनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़26 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 26 जुलाई
- 03:35–04:12ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:50 से
- 04:50–06:39अमृत चौघड़िया
- 08:28–10:17शुभ चौघड़िया
- 12:06–12:35अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 16:27–17:32लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 17:32–19:21अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:21 के बाद
-
22:43–00:31 मंगलअमृत कालज्येष्ठा में
- 22:55–00:06 मंगललाभ चौघड़िया
- 01:17–02:29 मंगलशुभ चौघड़िया
- 02:29–03:40 मंगलअमृत चौघड़िया
- 03:35–04:13 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:50–06:39अमृतशुभ
- 06:39–08:28कालअशुभ
- 08:28–10:17शुभ
- 10:17–12:06रोगअशुभ
- 12:06–13:54उद्वेगअशुभ
- 13:54–15:43चरसामान्य
- 15:43–17:32लाभशुभ
- 17:32–19:21अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:21–20:32चरसामान्य
- 20:32–21:43रोगअशुभ
- 21:43–22:55कालअशुभ
- 22:55–00:06 मंगललाभशुभ
- 00:06–01:17 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:17–02:29 मंगलशुभ
- 02:29–03:40 मंगलअमृतशुभ
- 03:40–04:51 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 26 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:35–04:12, शुभ
- अमृत, शुभ, 04:50–06:39
- काल, अशुभ, 06:39–08:28
- शुभ, 08:28–10:17
- रोग, अशुभ, 10:17–12:06
- उद्वेग, अशुभ, 12:06–13:54
- चर, सामान्य, 13:54–15:43
- लाभ, शुभ, 15:43–17:32
- अमृत, शुभ, 17:32–19:21
- चर, सामान्य, 19:21–20:32
- रोग, अशुभ, 20:32–21:43
- काल, अशुभ, 21:43–22:55
- लाभ, शुभ, 22:55–00:06 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:06–01:17 मंगल
- शुभ, 01:17–02:29 मंगल
- अमृत, शुभ, 02:29–03:40 मंगल
- चर, सामान्य, 03:40–04:51 मंगल
- राहु काल, 06:39–08:28, अशुभ
- यमगण्ड, 10:17–12:06, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:37–12:35, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:35–13:33, अशुभ
- गुलिक काल, 13:54–15:43, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:29–16:27, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:35–04:13 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में पद्मिनी एकादशी सोम 26 जुलाई को क्यों है?
पद्मिनी एकादशी सोम 26 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 26 जुलाई को सूर्योदय पर है, 04:48: सोम 26 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 14:55 रवि पर, उससे (03:12–04:48) पहले, समाप्त हुई।
सोम 26 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 126.3° आगे था: शुक्ल एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:50। दशमी उससे पहले 14:57 रवि पर समाप्त हुई। एकादशी 17:26 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 15 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
सोम 26 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:35–04:12
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:35–04:12।
रवि 25 जुलाई की रात सूर्यास्त 19:22 रवि से सूर्योदय 04:50 तक थी, 9 घं 28 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 26 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:37–12:35
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:37–12:35।
सोम 26 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:35–13:33
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:35–13:33 और 15:29–16:27।
सोम 26 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 15:29–16:27
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:35–13:33 और 15:29–16:27।
यहाँ दिन, 04:50 से 19:21, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:35–13:33 और 15:29–16:27।
सोम 26 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:50–06:39 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:50 से 19:21, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:21 से 04:51 मंगल, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 26 जुलाई को राहुकाल कब है? 06:39–08:28
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:39–08:28।
सोम 26 जुलाई को यमगंड कब है? 10:17–12:06
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:17–12:06।
सोम 26 जुलाई को गुलिक काल कब है? 13:54–15:43
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:54–15:43।
यहाँ दिन 04:50 से 19:21 तक है, 14 घं 31 मि। इसे 1 घं 48 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 26 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:50, सूर्यास्त 19:21, 14 घं 31 मि का दिन।
सोम 26 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:21
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:50, सूर्यास्त 19:21, 14 घं 31 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 26 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा
सूर्योदय पर चंद्रमा 226.3° पर था: अनुराधा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 223°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 05:34 को निकलेगा, ज्येष्ठा में।
सोम 26 जुलाई को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 326.3° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 100° + 226.3° = 326.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 18:02 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
सोम 26 जुलाई को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 126.3° थी: एकादशी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 04:10 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 126° हुई; विष्टि 17:26 तक है।
सोम 26 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 04:50, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:50 से 04:51 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 26 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)
15 जुलाई और 14 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 जुलाई 23:24 गुरु से 14 अगस्त 06:43 शनि तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 16 अगस्त 01:42 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।
सोम 26 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण (अधिक) है।
सोम 26 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 1977 · शक 1842
विक्रम संवत 1977 20 मार्च 1920 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 1920, 13:55 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 123.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1977 गिनता है; शक संवत 1842।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 26 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:50
चंद्रमा यहाँ 15:50 पर उदय होता है।
सोम 26 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 01:44 मंगल
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:50 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 01:44 मंगल पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:50 पर उदय हुआ; वह फिर 01:44 मंगल पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।