Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 17 अक्टूबर 1906
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
दीवाली · लक्ष्मी पूजा
दीवाली · लक्ष्मी पूजा बुध 17 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं। बुध 17 अक्टूबर क्यों?
दीवाली: Sevan में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या बुध 17 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। बुध 17 अक्टूबर क्यों?
अमावस्या: Sevan में हर तारीख़17 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 17 अक्टूबर
- 04:28–05:20ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:11 से
- 06:11–07:35लाभ चौघड़िया
- 07:35–08:58अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:21–11:45शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:55–17:18लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:18 के बाद
- 18:55–20:32शुभ चौघड़िया
- 20:32–22:09अमृत चौघड़िया
- 02:59–04:36 गुरुलाभ चौघड़िया
-
04:57–06:12 गुरुअमृत कालयमगण्ड छोड़कर · चित्रा में
- 04:29–05:21 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:11–07:35लाभशुभ
- 07:35–08:58अमृतयमगण्ड में
- 08:58–10:21कालअशुभ
- 10:21–11:45शुभगुलिक काल में
- 11:45–13:08रोगअशुभ
- 13:08–14:32उद्वेगअशुभ
- 14:32–15:55चरसामान्य
- 15:55–17:18लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:18–18:55उद्वेगअशुभ
- 18:55–20:32शुभ
- 20:32–22:09अमृतशुभ
- 22:09–23:45चरसामान्य
- 23:45–01:22 गुरुरोगअशुभ
- 01:22–02:59 गुरुकालअशुभ
- 02:59–04:36 गुरुलाभशुभ
- 04:36–06:12 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 17 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:20, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:11–07:35
- अमृत, शुभ, 07:35–08:58
- काल, अशुभ, 08:58–10:21
- शुभ, 10:21–11:45
- रोग, अशुभ, 11:45–13:08
- उद्वेग, अशुभ, 13:08–14:32
- चर, सामान्य, 14:32–15:55
- लाभ, शुभ, 15:55–17:18
- उद्वेग, अशुभ, 17:18–18:55
- शुभ, 18:55–20:32
- अमृत, शुभ, 20:32–22:09
- चर, सामान्य, 22:09–23:45
- रोग, अशुभ, 23:45–01:22 गुरु
- काल, अशुभ, 01:22–02:59 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:59–04:36 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:36–06:12 गुरु
- यमगण्ड, 07:35–08:58, अशुभ
- गुलिक काल, 10:21–11:45, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:23–12:07, अशुभ
- राहु काल, 11:45–13:08, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:29–05:21 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में दीवाली बुध 17 अक्टूबर को क्यों है?
दीवाली · लक्ष्मी पूजा बुध 17 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं।
लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या बुध 17 अक्टूबर को 04:33 से गुरु 18 अक्टूबर को 01:40 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (17:16–19:51) उसके भीतर है। हर मत यही दिन लेता है।
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:16–19:51। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:31 से 19:51 तक उदित रहता है।
Sevan में अमावस्या बुध 17 अक्टूबर को क्यों है?
अमावस्या बुध 17 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या बुध 17 अक्टूबर को 04:33 से गुरु 18 अक्टूबर को 01:40 तक है, इसलिए वह केवल बुध 17 अक्टूबर के सूर्योदय (06:09) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 17 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 348.9° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:11। चतुर्दशी उससे पहले 04:35 पर समाप्त हुई। अमावस्या 01:42 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 2 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्दशी है, Sevan में अमावस्या।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:22, चतुर्दशी की समाप्ति 07:05 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है। अमावस्या अगले सूर्योदय से पहले, 04:12 गुरु को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता: वह क्षय है।
Sevan · UTC+3
यहाँ सूर्योदय, 06:11, चतुर्दशी की समाप्ति 04:35 के बाद हुआ: यह दिन अमावस्या है।
बुध 17 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:28–05:20
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:28–05:20।
मंगल 16 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:20 मंगल से सूर्योदय 06:11 तक थी, 12 घं 51 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 17 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:23–12:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:23–12:07।
यहाँ दिन, 06:11 से 17:18, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:23–12:07: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 17 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:11–07:35 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:11 से 17:18, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:18 से 06:12 गुरु, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 17 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 11:45–13:08
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:45–13:08।
बुध 17 अक्टूबर को यमगंड कब है? 07:35–08:58
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:35–08:58।
बुध 17 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 10:21–11:45
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:21–11:45।
यहाँ दिन 06:11 से 17:18 तक है, 11 घं 7 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 17 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:11
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 17:18, 11 घं 7 मि का दिन।
बुध 17 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 17:18, 11 घं 7 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 17 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 169.2° पर था: हस्त, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 166°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 13:01 को निकलेगा, चित्रा में।
बुध 17 अक्टूबर को कौन सा योग है? वैधृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 349.5° थे: वैधृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 180.3° + 169.2° = 349.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 22:21 को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।
बुध 17 अक्टूबर को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 348.9° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 15:12 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 01:42 गुरु तक।
बुध 17 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:11, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:11 से 06:12 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 17 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 18 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 16 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 18 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
बुध 17 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
बुध 17 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1963 · शक 1828
विक्रम संवत 1963 25 मार्च 1906 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1906, 02:51 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 199.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1963 गिनता है; शक संवत 1828।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 17 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:24
चंद्रमा यहाँ 17:24 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 17:24 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।