Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 7 मई 1902
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
अमावस्या
अमावस्या बुध 7 मई को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। बुध 7 मई क्यों?
अमावस्या: Sevan में हर तारीख़7 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 7 मई
- 03:33–04:13ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:53 से
- 04:53–06:39लाभ चौघड़िया
- 06:39–08:24अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:10–11:56शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:14–19:00लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:00 के बाद
- 20:14–21:28शुभ चौघड़िया
- 21:28–22:42अमृत चौघड़िया
-
01:51–03:16 गुरुअमृत कालभरणी में
- 02:24–03:38 गुरुलाभ चौघड़िया
- 03:33–04:12 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:53–06:39लाभशुभ
- 06:39–08:24अमृतयमगण्ड में
- 08:24–10:10कालअशुभ
- 10:10–11:56शुभगुलिक काल में
- 11:56–13:42रोगअशुभ
- 13:42–15:28उद्वेगअशुभ
- 15:28–17:14चरसामान्य
- 17:14–19:00लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:00–20:14उद्वेगअशुभ
- 20:14–21:28शुभ
- 21:28–22:42अमृतशुभ
- 22:42–23:56चरसामान्य
- 23:56–01:10 गुरुरोगअशुभ
- 01:10–02:24 गुरुकालअशुभ
- 02:24–03:38 गुरुलाभशुभ
- 03:38–04:51 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 7 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:33–04:13, शुभ
- लाभ, शुभ, 04:53–06:39
- अमृत, शुभ, 06:39–08:24
- काल, अशुभ, 08:24–10:10
- शुभ, 10:10–11:56
- रोग, अशुभ, 11:56–13:42
- उद्वेग, अशुभ, 13:42–15:28
- चर, सामान्य, 15:28–17:14
- लाभ, शुभ, 17:14–19:00
- उद्वेग, अशुभ, 19:00–20:14
- शुभ, 20:14–21:28
- अमृत, शुभ, 21:28–22:42
- चर, सामान्य, 22:42–23:56
- रोग, अशुभ, 23:56–01:10 गुरु
- काल, अशुभ, 01:10–02:24 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:24–03:38 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 03:38–04:51 गुरु
- यमगण्ड, 06:39–08:24, अशुभ
- गुलिक काल, 10:10–11:56, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:28–12:25, अशुभ
- राहु काल, 11:56–13:42, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:33–04:12 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में अमावस्या बुध 7 मई को क्यों है?
अमावस्या बुध 7 मई को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या बुध 7 मई को 05:08 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और गुरु 8 मई को 01:43 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: बुध 7 मई। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 7 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 347.8° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:53। त्रयोदशी उससे पहले 08:16 मंगल पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 05:10 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 22 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अमावस्या क्षय क्यों है?
अमावस्या एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 05:10 को शुरू हुई और 01:45 गुरु को समाप्त, 04:53 और 04:51 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को चतुर्दशी है और गुरुवार को प्रतिपदा: अमावस्या यहाँ क्षय तिथि है।
बुध 7 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:33–04:13
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:33–04:13।
मंगल 6 मई की रात सूर्यास्त 18:59 मंगल से सूर्योदय 04:53 तक थी, 9 घं 54 मि। इसे 39 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 7 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 11:28–12:25
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:28–12:25।
यहाँ दिन, 04:53 से 19:00, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 56 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:28–12:25: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 7 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:53–06:39 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:53 से 19:00, 1 घं 45 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:00 से 04:51 गुरु, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 7 मई को राहुकाल कब है? 11:56–13:42
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:56–13:42।
बुध 7 मई को यमगंड कब है? 06:39–08:24
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:39–08:24।
बुध 7 मई को गुलिक काल कब है? 10:10–11:56
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:10–11:56।
यहाँ दिन 04:53 से 19:00 तक है, 14 घं 7 मि। इसे 1 घं 45 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 7 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:53
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:53, सूर्यास्त 19:00, 14 घं 7 मि का दिन।
बुध 7 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:00
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:53, सूर्यास्त 19:00, 14 घं 7 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 7 मई को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 10.9° पर था: अश्विनी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 10° पर उसके पद 4 में आया। वह 08:47 को निकलेगा, भरणी में।
बुध 7 मई को कौन सा योग है? आयुष्मान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 34° थे: आयुष्मान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 23.1° + 10.9° = 34°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 13:58 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।
बुध 7 मई को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 347.8° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 18:46 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 05:10 तक है।
बुध 7 मई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 04:53, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:53 से 04:51 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 7 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 8 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 8 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
बुध 7 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 8 मई की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।
बुध 7 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 1959 · शक 1824
विक्रम संवत 1959 8 अप्रैल 1902 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 1902, 16:49 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 27.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1959 गिनता है; शक संवत 1824।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 7 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:31
चंद्रमा यहाँ 18:31 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:31 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।