Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 6 मई 1902
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि मंगल 6 मई को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। मंगल 6 मई क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़6 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 6 मई
- 03:34–04:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:54 से
- 10:11–11:56लाभ चौघड़िया
-
10:11–10:24अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · रेवती में
- 11:28–11:56अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 11:56–13:42अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:28–17:13शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:59 के बाद
- 20:13–21:27लाभ चौघड़िया
- 22:42–22:56शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:36–23:56शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:56–01:10 बुधअमृत चौघड़िया
-
02:18–03:44 बुधअमृत कालअश्विनी में
- 03:33–04:13 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:54–06:39रोगअशुभ
- 06:39–08:25उद्वेगअशुभ
- 08:25–10:11चरसामान्य
- 10:11–11:56लाभशुभ
- 11:56–13:42अमृतगुलिक काल में
- 13:42–15:28कालअशुभ
- 15:28–17:13शुभराहु काल में
- 17:13–18:59रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:59–20:13कालअशुभ
- 20:13–21:27लाभशुभ
- 21:27–22:42उद्वेगअशुभ
- 22:42–23:56शुभ
- 23:56–01:10 बुधअमृतशुभ
- 01:10–02:24 बुधचरसामान्य
- 02:24–03:38 बुधरोगअशुभ
- 03:38–04:53 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 6 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:34–04:14, शुभ
- रोग, अशुभ, 04:54–06:39
- उद्वेग, अशुभ, 06:39–08:25
- चर, सामान्य, 08:25–10:11
- लाभ, शुभ, 10:11–11:56
- अमृत, शुभ, 11:56–13:42
- काल, अशुभ, 13:42–15:28
- शुभ, 15:28–17:13
- रोग, अशुभ, 17:13–18:59
- काल, अशुभ, 18:59–20:13
- लाभ, शुभ, 20:13–21:27
- उद्वेग, अशुभ, 21:27–22:42
- शुभ, 22:42–23:56
- अमृत, शुभ, 23:56–01:10 बुध
- चर, सामान्य, 01:10–02:24 बुध
- रोग, अशुभ, 02:24–03:38 बुध
- काल, अशुभ, 03:38–04:53 बुध
- दुर्मुहूर्त, 07:43–08:39, अशुभ
- यमगण्ड, 08:25–10:11, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:28–12:25, शुभ
- गुलिक काल, 11:56–13:42, अशुभ
- राहु काल, 15:28–17:13, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:56–23:36, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:33–04:13 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में मासिक शिवरात्रि मंगल 6 मई को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि मंगल 6 मई को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी मंगल 6 मई को 08:14 से बुध 7 मई को 05:08 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (23:34–00:14 बुध) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 6 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 334.1° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:54। द्वादशी उससे पहले 10:52 सोम पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 08:16 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 22 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 6 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:34–04:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:34–04:14।
सोम 5 मई की रात सूर्यास्त 18:58 सोम से सूर्योदय 04:54 तक थी, 9 घं 56 मि। इसे 39 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 6 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:28–12:25
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:28–12:25।
मंगल 6 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 07:43–08:39
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:43–08:39, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:56–23:36।
मंगल 6 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 22:56–23:36
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:43–08:39, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:56–23:36।
यहाँ दिन, 04:54 से 18:59, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 56 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 07:43–08:39 और 22:56–23:36।
मंगल 6 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:54–06:39 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:54 से 18:59, 1 घं 45 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:59 से 04:53 बुध, 1 घं 14 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 6 मई को राहुकाल कब है? 15:28–17:13
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:28–17:13।
मंगल 6 मई को यमगंड कब है? 08:25–10:11
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:25–10:11।
मंगल 6 मई को गुलिक काल कब है? 11:56–13:42
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:56–13:42।
यहाँ दिन 04:54 से 18:59 तक है, 14 घं 5 मि। इसे 1 घं 45 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 6 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:54
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:54, सूर्यास्त 18:59, 14 घं 5 मि का दिन।
मंगल 6 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:59
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:54, सूर्यास्त 18:59, 14 घं 5 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 6 मई को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 356.2° पर था: रेवती, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 353°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 11:08 को निकलेगा, अश्विनी में।
मंगल 6 मई को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 378.3° थे, एक चक्कर और 18.3°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 22.1° + 356.2° = 378.3°, एक पूरा चक्कर और 18.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 17:44 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
मंगल 6 मई को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 334.1° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 21:38 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 08:16 तक है।
मंगल 6 मई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 04:54, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:54 से 04:53 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 6 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 8 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 8 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
मंगल 6 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 8 मई की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।
मंगल 6 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 1959 · शक 1824
विक्रम संवत 1959 8 अप्रैल 1902 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 1902, 16:49 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 26.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1959 गिनता है; शक संवत 1824।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 6 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:24 बुध
चंद्रमा यहाँ 04:24 बुध पर उदय होता है।
मंगल 6 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:19
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:19 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:24 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:19 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:24 बुध पर उदय होगा।