Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 5 जून 1900
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
5 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 5 जून
- 03:17–03:53ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:30 से
- 10:06–11:58लाभ चौघड़िया
- 11:28–11:58अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 11:58–13:50अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
-
13:50–14:41अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · पूर्वाफाल्गुनी में
- 15:42–17:34शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 19:26 के बाद
- 20:34–21:42लाभ चौघड़िया
- 22:50–23:03शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:40–23:58शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:58–01:06 बुधअमृत चौघड़िया
- 03:17–03:53 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:30–06:22रोगअशुभ
- 06:22–08:14उद्वेगअशुभ
- 08:14–10:06चरसामान्य
- 10:06–11:58लाभशुभ
- 11:58–13:50अमृतगुलिक काल में
- 13:50–15:42कालअशुभ
- 15:42–17:34शुभराहु काल में
- 17:34–19:26रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:26–20:34कालअशुभ
- 20:34–21:42लाभशुभ
- 21:42–22:50उद्वेगअशुभ
- 22:50–23:58शुभ
- 23:58–01:06 बुधअमृतशुभ
- 01:06–02:14 बुधचरसामान्य
- 02:14–03:21 बुधरोगअशुभ
- 03:21–04:29 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 5 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:17–03:53, शुभ
- रोग, अशुभ, 04:30–06:22
- उद्वेग, अशुभ, 06:22–08:14
- चर, सामान्य, 08:14–10:06
- लाभ, शुभ, 10:06–11:58
- अमृत, शुभ, 11:58–13:50
- काल, अशुभ, 13:50–15:42
- शुभ, 15:42–17:34
- रोग, अशुभ, 17:34–19:26
- काल, अशुभ, 19:26–20:34
- लाभ, शुभ, 20:34–21:42
- उद्वेग, अशुभ, 21:42–22:50
- शुभ, 22:50–23:58
- अमृत, शुभ, 23:58–01:06 बुध
- चर, सामान्य, 01:06–02:14 बुध
- रोग, अशुभ, 02:14–03:21 बुध
- काल, अशुभ, 03:21–04:29 बुध
- दुर्मुहूर्त, 07:29–08:29, अशुभ
- यमगण्ड, 08:14–10:06, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:28–12:28, शुभ
- गुलिक काल, 11:58–13:50, अशुभ
- राहु काल, 15:42–17:34, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:03–23:40, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:17–03:53 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 5 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल अष्टमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 87.5° आगे था: शुक्ल अष्टमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 84°–96° आठवीं है, शुक्ल अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:30। सप्तमी उससे पहले 20:50 सोम पर समाप्त हुई। अष्टमी 23:08 को समाप्त होगी, जब बढ़त 96° होगी। बढ़त 28 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 5 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:17–03:53
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:17–03:53।
सोम 4 जून की रात सूर्यास्त 19:25 सोम से सूर्योदय 04:30 तक थी, 9 घं 5 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 5 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:28–12:28
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:28–12:28।
मंगल 5 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 07:29–08:29
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:29–08:29, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:03–23:40।
मंगल 5 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 23:03–23:40
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:29–08:29, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:03–23:40।
यहाँ दिन, 04:30 से 19:26, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 07:29–08:29 और 23:03–23:40।
मंगल 5 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:30–06:22 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:30 से 19:26, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:26 से 04:29 बुध, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 5 जून को राहुकाल कब है? 15:42–17:34
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:42–17:34।
मंगल 5 जून को यमगंड कब है? 08:14–10:06
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:14–10:06।
मंगल 5 जून को गुलिक काल कब है? 11:58–13:50
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:58–13:50।
यहाँ दिन 04:30 से 19:26 तक है, 14 घं 56 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 5 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 04:30
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:30, सूर्यास्त 19:26, 14 घं 56 मि का दिन।
मंगल 5 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:26
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:30, सूर्यास्त 19:26, 14 घं 56 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 5 जून को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 139° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 136°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:04 को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।
मंगल 5 जून को कौन सा योग है? वज्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 190.4° थे: वज्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 51.4° + 139° = 190.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 22:26 को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।
मंगल 5 जून को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 87.5° थी: अष्टमी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 09:58 तक है, जब बढ़त 90° होगी; बव 23:08 तक।
मंगल 5 जून को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 04:30, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:30 से 04:29 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 5 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 28 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 27 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
मंगल 5 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।
मंगल 5 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 1957 · शक 1822
विक्रम संवत 1957 30 मार्च 1900 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 1900, 23:30 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 64.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1957 गिनता है; शक संवत 1822।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 5 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 12:00
चंद्रमा यहाँ 12:00 पर उदय होता है।
मंगल 5 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 00:19 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:00 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 00:19 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:00 पर उदय हुआ; वह फिर 00:19 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।