tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 4 जून 1900

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:17 04:30 19:25अगला सूर्योदय 04:30 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 04:30–06:22अमृतशुभ
  • 06:22–08:14कालअशुभ
  • 08:14–10:06शुभ
  • 10:06–11:58रोगअशुभ
  • 11:58–13:50उद्वेगअशुभ
  • 13:50–15:41चरसामान्य
  • 15:41–17:33लाभशुभ
  • 17:33–19:25अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:25–20:33चरसामान्य
  • 20:33–21:41रोगअशुभ
  • 21:41–22:49कालअशुभ
  • 22:49–23:57लाभशुभ
  • 23:57–01:06 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:06–02:14 मंगलशुभ
  • 02:14–03:22 मंगलअमृतशुभ
  • 03:22–04:30 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 4 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:17–03:54, शुभ
  • अमृत, शुभ, 04:30–06:22
  • काल, अशुभ, 06:22–08:14
  • शुभ, 08:14–10:06
  • रोग, अशुभ, 10:06–11:58
  • उद्वेग, अशुभ, 11:58–13:50
  • चर, सामान्य, 13:50–15:41
  • लाभ, शुभ, 15:41–17:33
  • अमृत, शुभ, 17:33–19:25
  • चर, सामान्य, 19:25–20:33
  • रोग, अशुभ, 20:33–21:41
  • काल, अशुभ, 21:41–22:49
  • लाभ, शुभ, 22:49–23:57
  • उद्वेग, अशुभ, 23:57–01:06 मंगल
  • शुभ, 01:06–02:14 मंगल
  • अमृत, शुभ, 02:14–03:22 मंगल
  • चर, सामान्य, 03:22–04:30 मंगल
  • राहु काल, 06:22–08:14, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:06–11:58, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:28–12:28, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:28–13:27, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:50–15:41, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:27–16:26, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:17–03:53 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोम 4 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल सप्तमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 76.5° आगे था: शुक्ल सप्तमी।

सूर्य अमावस्या 0° 76.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण सप्तमी 72°–84° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 76.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण सप्तमी 72°–84° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 72°–84° सातवीं है, शुक्ल सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:30। षष्ठी उससे पहले 18:44 रवि पर समाप्त हुई। सप्तमी 20:50 को समाप्त होगी, जब बढ़त 84° होगी। बढ़त 28 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

सोम 4 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:17–03:54

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:17–03:54।

सूर्यास्त 19:25 रवि सूर्योदय 04:30 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 3 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:25 रवि सूर्योदय 04:30 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 3 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 3 जून की रात सूर्यास्त 19:25 रवि से सूर्योदय 04:30 तक थी, 9 घं 5 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 4 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:28–12:28

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:28–12:28।

सोम 4 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 12:28–13:27

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:28–13:27 और 15:27–16:26।

सोम 4 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 15:27–16:26

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:28–13:27 और 15:27–16:26।

सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:25 सूर्योदय 04:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:25 सूर्योदय 04:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 04:30 से 19:25, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:28–13:27 और 15:27–16:26।

सोम 4 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

04:30–06:22 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:25 सूर्योदय 04:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:25 सूर्योदय 04:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 04:30 से 19:25, 1 घं 51 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:25 से 04:30 मंगल, 1 घं 8 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 4 जून को राहुकाल कब है? 06:22–08:14

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:22–08:14।

सोम 4 जून को यमगंड कब है? 10:06–11:58

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:06–11:58।

सोम 4 जून को गुलिक काल कब है? 13:50–15:41

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:50–15:41।

सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:25 सूर्योदय 04:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:25 सूर्योदय 04:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 04:30 से 19:25 तक है, 14 घं 55 मि। इसे 1 घं 51 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 4 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 04:30

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:30, सूर्यास्त 19:25, 14 घं 55 मि का दिन।

सोम 4 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:25

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:30, सूर्यास्त 19:25, 14 घं 55 मि का दिन।

सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:25 सूर्योदय 04:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:54 चंद्रोदय 11:03
सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:25 सूर्योदय 04:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:54 चंद्रोदय 11:03
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 4 जून को कौन सा नक्षत्र है? मघा

सूर्योदय पर चंद्रमा 127° पर था: मघा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 127.0° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 127.0° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 126°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:12 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।

सोम 4 जून को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 177.5° थे: हर्षण।

सूर्य 50.5° + चंद्रमा 127.0° = 177.5° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 50.5° + चंद्रमा 127.0° = 177.5° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 50.5° + 127° = 177.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 21:33 को समाप्त होता है, फिर वज्र।

सोम 4 जून को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 76.5° थी: सप्तमी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 76.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण सप्तमी 72°–84° गर 72°–78° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 76.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण सप्तमी 72°–84° गर 72°–78° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 07:45 तक है, जब बढ़त 78° होगी; वणिज 20:50 तक।

सोम 4 जून को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 04:30, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:25 सूर्योदय 04:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:25 सूर्योदय 04:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:30 से 04:30 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 4 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 28 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 27 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

सोम 4 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल सोम 4 जून पूर्णिमा 14 मई अमावस्या 28 मई पूर्णिमा 13 जून अमावस्या 27 जून
अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल सोम 4 जून पूर्णिमा 14 मई अमावस्या 28 मई पूर्णिमा 13 जून अमावस्या 27 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।

सोम 4 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 1957 · शक 1822

विक्रम संवत 1957 30 मार्च 1900 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 1900 23:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 4 जून सूर्य 50.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 1900 23:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 4 जून सूर्य 50.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 1900, 23:30 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 63.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1957 गिनता है; शक संवत 1822।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 4 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 11:03

चंद्रमा यहाँ 11:03 पर उदय होता है।

सोम 4 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:54

सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:25 सूर्योदय 04:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:54 चंद्रोदय 11:03
सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:25 सूर्योदय 04:30 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:54 चंद्रोदय 11:03
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:03 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:54 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:03 पर उदय हुआ; वह फिर 23:54 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।