Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग शनि 9 जनवरी 2016
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
अमावस्या
अमावस्या शनि 9 जनवरी को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। शनि 9 जनवरी क्यों?
अमावस्या: Pāthardi में हर तारीख़9 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 9 जनवरी
- 05:21–06:12ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:04 से
- 08:33–09:50शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:13–12:58अभिजीत मुहूर्त
- 13:58–15:21लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:21–16:44अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:07 के बाद
- 18:07–19:44लाभ चौघड़िया
- 21:21–22:58शुभ चौघड़िया
- 22:58–00:36 रविअमृत चौघड़िया
-
04:57–06:32 रविअमृत कालपूर्वाषाढा में
- 05:27–07:04 रविलाभ चौघड़िया
- 05:21–06:13 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:04–08:27कालअशुभ
- 08:27–09:50शुभ
- 09:50–11:13रोगअशुभ
- 11:13–12:36उद्वेगअशुभ
- 12:36–13:58चरसामान्य
- 13:58–15:21लाभयमगण्ड में
- 15:21–16:44अमृतशुभ
- 16:44–18:07कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:07–19:44लाभशुभ
- 19:44–21:21उद्वेगअशुभ
- 21:21–22:58शुभ
- 22:58–00:36 रविअमृतशुभ
- 00:36–02:13 रविचरसामान्य
- 02:13–03:50 रविरोगअशुभ
- 03:50–05:27 रविकालअशुभ
- 05:27–07:04 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 9 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:21–06:12, शुभ
- काल, अशुभ, 07:04–08:27
- शुभ, 08:27–09:50
- रोग, अशुभ, 09:50–11:13
- उद्वेग, अशुभ, 11:13–12:36
- चर, सामान्य, 12:36–13:58
- लाभ, शुभ, 13:58–15:21
- अमृत, शुभ, 15:21–16:44
- काल, अशुभ, 16:44–18:07
- लाभ, शुभ, 18:07–19:44
- उद्वेग, अशुभ, 19:44–21:21
- शुभ, 21:21–22:58
- अमृत, शुभ, 22:58–00:36 रवि
- चर, सामान्य, 00:36–02:13 रवि
- रोग, अशुभ, 02:13–03:50 रवि
- काल, अशुभ, 03:50–05:27 रवि
- लाभ, शुभ, 05:27–07:04 रवि
- गुलिक काल, 07:04–08:27, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:04–07:48, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:48–08:33, अशुभ
- राहु काल, 09:50–11:13, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:13–12:58, शुभ
- यमगण्ड, 13:58–15:21, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:21–06:13 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में अमावस्या शनि 9 जनवरी को क्यों है?
अमावस्या शनि 9 जनवरी को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शनि 9 जनवरी को 07:54 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और रवि 10 जनवरी को 07:00 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: शनि 9 जनवरी। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 9 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 347.6° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:04। त्रयोदशी उससे पहले 08:13 शुक्र पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:54 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 25 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अमावस्या क्षय क्यों है?
अमावस्या एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 07:54 को शुरू हुई और 07:00 रवि को समाप्त, 07:04 और 07:04 रवि के सूर्योदयों के बीच। शनिवार को चतुर्दशी है और रविवार को प्रतिपदा: अमावस्या यहाँ क्षय तिथि है।
शनि 9 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:21–06:12
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:21–06:12।
शुक्र 8 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:06 शुक्र से सूर्योदय 07:04 तक थी, 12 घं 58 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 9 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:13–12:58
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:13–12:58।
शनि 9 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 07:04–07:48
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:04–07:48 और 07:48–08:33।
शनि 9 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 07:48–08:33
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:04–07:48 और 07:48–08:33।
यहाँ दिन, 07:04 से 18:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:04–07:48 और 07:48–08:33।
शनि 9 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:04–08:27 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:04 से 18:07, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:07 से 07:04 रवि, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 9 जनवरी को राहुकाल कब है? 09:50–11:13
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:50–11:13।
शनि 9 जनवरी को यमगंड कब है? 13:58–15:21
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:58–15:21।
शनि 9 जनवरी को गुलिक काल कब है? 07:04–08:27
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:04–08:27।
यहाँ दिन 07:04 से 18:07 तक है, 11 घं 3 मि। इसे 1 घं 22 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 9 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:04
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:04, सूर्यास्त 18:07, 11 घं 3 मि का दिन।
शनि 9 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:07
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:04, सूर्यास्त 18:07, 11 घं 3 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 9 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 251.7° पर था: मूल, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 250° पर उसके पद 4 में आया। वह 10:00 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
शनि 9 जनवरी को कौन सा योग है? ध्रुव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 515.8° थे, एक चक्कर और 155.8°: ध्रुव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 264.1° + 251.7° = 515.8°, एक पूरा चक्कर और 155.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 14:02 को समाप्त होता है, फिर व्याघात।
शनि 9 जनवरी को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 347.6° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 20:08 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 07:54 तक है।
शनि 9 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:04, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:04 से 07:04 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 9 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 11 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 10 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
शनि 9 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 10 जनवरी की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।
शनि 9 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937
विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 15:06 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 288.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 9 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:59 रवि
चंद्रमा यहाँ 06:59 रवि पर उदय होता है।
शनि 9 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:37
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:37 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:59 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:37 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:59 रवि पर उदय होगा।