Pāthardi, महाराष्ट्र का पंचांग बुध 29 अगस्त 2012
महाराष्ट्र, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत बुध 29 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 29 अगस्त क्यों?
प्रदोष व्रत: Pāthardi में हर तारीख़29 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 29 अगस्त
- 04:42–05:27ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:13 से
- 06:13–07:47लाभ चौघड़िया
- 07:47–09:21अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:55–12:29शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:12–18:46लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:46 के बाद
-
19:24–20:58अमृत कालश्रवण में
- 20:12–21:38शुभ चौघड़िया
- 21:38–23:04अमृत चौघड़िया
- 03:21–04:47 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:42–05:27 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:13–07:47लाभशुभ
- 07:47–09:21अमृतयमगण्ड में
- 09:21–10:55कालअशुभ
- 10:55–12:29शुभगुलिक काल में
- 12:29–14:04रोगअशुभ
- 14:04–15:38उद्वेगअशुभ
- 15:38–17:12चरसामान्य
- 17:12–18:46लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:46–20:12उद्वेगअशुभ
- 20:12–21:38शुभ
- 21:38–23:04अमृतशुभ
- 23:04–00:30 गुरुचरसामान्य
- 00:30–01:55 गुरुरोगअशुभ
- 01:55–03:21 गुरुकालअशुभ
- 03:21–04:47 गुरुलाभशुभ
- 04:47–06:13 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 29 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:27, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:13–07:47
- अमृत, शुभ, 07:47–09:21
- काल, अशुभ, 09:21–10:55
- शुभ, 10:55–12:29
- रोग, अशुभ, 12:29–14:04
- उद्वेग, अशुभ, 14:04–15:38
- चर, सामान्य, 15:38–17:12
- लाभ, शुभ, 17:12–18:46
- उद्वेग, अशुभ, 18:46–20:12
- शुभ, 20:12–21:38
- अमृत, शुभ, 21:38–23:04
- चर, सामान्य, 23:04–00:30 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:30–01:55 गुरु
- काल, अशुभ, 01:55–03:21 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:21–04:47 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:47–06:13 गुरु
- यमगण्ड, 07:47–09:21, अशुभ
- गुलिक काल, 10:55–12:29, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:04–12:55, अशुभ
- राहु काल, 12:29–14:04, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:27 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Pāthardi में प्रदोष व्रत बुध 29 अगस्त को क्यों है?
प्रदोष व्रत बुध 29 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 28 अगस्त को 22:47 से बुध 29 अगस्त को 21:19 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (18:46–21:03) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 29 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 148° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:13। द्वादशी उससे पहले 22:47 मंगल पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 21:19 को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 17 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 29 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:27
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:27।
मंगल 28 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:47 मंगल से सूर्योदय 06:13 तक थी, 11 घं 26 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 29 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 12:04–12:55
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:04–12:55।
यहाँ दिन, 06:13 से 18:46, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:04–12:55: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 29 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:13–07:47 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:13 से 18:46, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:46 से 06:13 गुरु, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 29 अगस्त को राहुकाल कब है? 12:29–14:04
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:29–14:04।
बुध 29 अगस्त को यमगंड कब है? 07:47–09:21
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:47–09:21।
बुध 29 अगस्त को गुलिक काल कब है? 10:55–12:29
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:55–12:29।
यहाँ दिन 06:13 से 18:46 तक है, 12 घं 33 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 29 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:13
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:13, सूर्यास्त 18:46, 12 घं 33 मि का दिन।
बुध 29 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:46
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:13, सूर्यास्त 18:46, 12 घं 33 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 27 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 27 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 29 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण
सूर्योदय पर चंद्रमा 280° पर था: श्रवण, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 280° पर उसके पद 1 में आया। वह 05:32 गुरु को निकलेगा, धनिष्ठा में।
बुध 29 अगस्त को कौन सा योग है? सौभाग्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 412.1° थे, एक चक्कर और 52.1°: सौभाग्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 132.1° + 280° = 412.1°, एक पूरा चक्कर और 52.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 08:15 को समाप्त होता है, फिर शोभन।
बुध 29 अगस्त को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 148° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 10:01 तक है, जब बढ़त 150° होगी; तैतिल 21:19 तक।
बुध 29 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:13, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:13 से 06:13 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 29 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद (अधिक)
17 अगस्त और 16 सितंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक भाद्रपद।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 अगस्त 21:24 शुक्र से 16 सितंबर 07:40 रवि तक सूर्य सिंह में रहा; कन्या में वह अमावस्या के बाद 16 सितंबर 17:54 रवि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक भाद्रपद है, जो भाद्रपद से पहले आता है।
बुध 29 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद (अधिक) है।
बुध 29 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2069 · शक 1934
विक्रम संवत 2069 22 मार्च 2012 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2012, 20:07 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 153.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2069 गिनता है; शक संवत 1934।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 29 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:01
चंद्रमा यहाँ 17:01 पर उदय होता है।
बुध 29 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:50 गुरु
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:01 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:50 गुरु पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:01 पर उदय हुआ; वह फिर 04:50 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।