Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग शनि 14 जुलाई 2091
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि शनि 14 जुलाई को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। शनि 14 जुलाई क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़14 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 14 जुलाई
- 05:01–05:52ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:44 से
- 08:13–09:31शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
08:43–09:31अमृत कालराहु काल छोड़कर · मृगशिरा में
- 11:56–12:41अभिजीत मुहूर्त
- 13:42–15:06लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:06–16:30अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:53 के बाद
- 17:53–19:30लाभ चौघड़िया
- 21:06–22:42शुभ चौघड़िया
- 22:42–00:18 रविअमृत चौघड़िया
- 05:07–06:43 रविलाभ चौघड़िया
- 05:01–05:52 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:44–08:07कालअशुभ
- 08:07–09:31शुभ
- 09:31–10:55रोगअशुभ
- 10:55–12:18उद्वेगअशुभ
- 12:18–13:42चरसामान्य
- 13:42–15:06लाभयमगण्ड में
- 15:06–16:30अमृतशुभ
- 16:30–17:53कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:53–19:30लाभशुभ
- 19:30–21:06उद्वेगअशुभ
- 21:06–22:42शुभ
- 22:42–00:18 रविअमृतशुभ
- 00:18–01:55 रविचरसामान्य
- 01:55–03:31 रविरोगअशुभ
- 03:31–05:07 रविकालअशुभ
- 05:07–06:43 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 14 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:01–05:52, शुभ
- काल, अशुभ, 06:44–08:07
- शुभ, 08:07–09:31
- रोग, अशुभ, 09:31–10:55
- उद्वेग, अशुभ, 10:55–12:18
- चर, सामान्य, 12:18–13:42
- लाभ, शुभ, 13:42–15:06
- अमृत, शुभ, 15:06–16:30
- काल, अशुभ, 16:30–17:53
- लाभ, शुभ, 17:53–19:30
- उद्वेग, अशुभ, 19:30–21:06
- शुभ, 21:06–22:42
- अमृत, शुभ, 22:42–00:18 रवि
- चर, सामान्य, 00:18–01:55 रवि
- रोग, अशुभ, 01:55–03:31 रवि
- काल, अशुभ, 03:31–05:07 रवि
- लाभ, शुभ, 05:07–06:43 रवि
- गुलिक काल, 06:44–08:07, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:44–07:28, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:28–08:13, अशुभ
- राहु काल, 09:31–10:55, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:56–12:41, शुभ
- यमगण्ड, 13:42–15:06, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:01–05:52 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में मासिक शिवरात्रि शनि 14 जुलाई को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि शनि 14 जुलाई को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शनि 14 जुलाई को 11:42 से रवि 15 जुलाई को 11:45 तक है, इसलिए केवल शनिवार की रात का निशीथ काल (23:53–00:44 रवि) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
शनि 14 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 333.6° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:44। द्वादशी उससे पहले 11:04 शुक्र पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 11:42 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 30 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 14 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:01–05:52
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:01–05:52।
शुक्र 13 जुलाई की रात सूर्यास्त 17:53 शुक्र से सूर्योदय 06:44 तक थी, 12 घं 51 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 14 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:56–12:41
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:56–12:41।
शनि 14 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:44–07:28
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:44–07:28 और 07:28–08:13।
शनि 14 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 07:28–08:13
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:44–07:28 और 07:28–08:13।
यहाँ दिन, 06:44 से 17:53, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:44–07:28 और 07:28–08:13।
शनि 14 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:44–08:07 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:44 से 17:53, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:53 से 06:43 रवि, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 14 जुलाई को राहुकाल कब है? 09:31–10:55
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:31–10:55।
शनि 14 जुलाई को यमगंड कब है? 13:42–15:06
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:42–15:06।
शनि 14 जुलाई को गुलिक काल कब है? 06:44–08:07
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:44–08:07।
यहाँ दिन 06:44 से 17:53 तक है, 11 घं 9 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 14 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:44
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 17:53, 11 घं 9 मि का दिन।
शनि 14 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:53
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 17:53, 11 घं 9 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 9 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 14 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा
सूर्योदय पर चंद्रमा 60.7° पर था: मृगशिरा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 60° पर उसके पद 3 में आया। वह 17:57 को निकलेगा, आर्द्रा में।
शनि 14 जुलाई को कौन सा योग है? ध्रुव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 147.8° थे: ध्रुव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 87.1° + 60.7° = 147.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 03:54 रवि को समाप्त होता है, फिर व्याघात।
शनि 14 जुलाई को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 333.6° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 23:27 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 11:42 तक है।
शनि 14 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:44, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:44 से 06:43 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 14 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)
16 जून और 16 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 जून 23:42 शनि से 16 जुलाई 11:17 सोम तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 17 जुलाई 06:52 मंगल को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।
शनि 14 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ (अधिक) है, और अमान्त गणना में आषाढ़ (अधिक)।
शनि 14 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2148 · शक 2013
विक्रम संवत 2148 20 मार्च 2091 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2091, 00:47 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 112.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2148 गिनता है; शक संवत 2013।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 14 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:38 रवि
चंद्रमा यहाँ 05:38 रवि पर उदय होता है।
शनि 14 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:19
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:19 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:38 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:19 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:38 रवि पर उदय होगा।