tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 20 दिसंबर 2011

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में

एकादशी

कृष्ण पक्ष · 02:39 बुध तक

फिर द्वादशी · 23:55 बुध तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

सफला एकादशी

पारण समय
07:58⁠–⁠19:46 बुध
बुध 21 दिसंबर
व्रत आरंभ
06:34

स्मार्त परंपरा में सफला एकादशी मंगल 20 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव बुध 21 दिसंबर को व्रत रखते हैं। मंगल 20 दिसंबर क्यों?

सफला एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:07 06:34 19:46अगला सूर्योदय 06:34 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:34–08:13रोगअशुभ
  • 08:13–09:52उद्वेगअशुभ
  • 09:52–11:31चरसामान्य
  • 11:31–13:10लाभशुभ
  • 13:10–14:49अमृतगुलिक काल में
  • 14:49–16:28कालअशुभ
  • 16:28–18:07शुभराहु काल में
  • 18:07–19:46रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:46–21:07कालअशुभ
  • 21:07–22:28लाभशुभ
  • 22:28–23:49उद्वेगअशुभ
  • 23:49–01:10 बुधशुभ
  • 01:10–02:31 बुधअमृतशुभ
  • 02:31–03:52 बुधचरसामान्य
  • 03:52–05:13 बुधरोगअशुभ
  • 05:13–06:34 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 20 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:07–05:51, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:34–08:13
  • उद्वेग, अशुभ, 08:13–09:52
  • चर, सामान्य, 09:52–11:31
  • लाभ, शुभ, 11:31–13:10
  • अमृत, शुभ, 13:10–14:49
  • काल, अशुभ, 14:49–16:28
  • शुभ, 16:28–18:07
  • रोग, अशुभ, 18:07–19:46
  • काल, अशुभ, 19:46–21:07
  • लाभ, शुभ, 21:07–22:28
  • उद्वेग, अशुभ, 22:28–23:49
  • शुभ, 23:49–01:10 बुध
  • अमृत, शुभ, 01:10–02:31 बुध
  • चर, सामान्य, 02:31–03:52 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:52–05:13 बुध
  • काल, अशुभ, 05:13–06:34 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 09:12–10:05, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:52–11:31, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:43–13:36, शुभ
  • गुलिक काल, 13:10–14:49, अशुभ
  • राहु काल, 16:28–18:07, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 00:05–00:48 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:08–05:51 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में सफला एकादशी मंगल 20 दिसंबर को क्यों है?

स्मार्त परंपरा में सफला एकादशी मंगल 20 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव बुध 21 दिसंबर को व्रत रखते हैं।

दशमी एकादशी 06:34 05:17 02:00 04:00 08:00 मंगल 20 दिसंबर स्मार्त अरुणोदय 04:58–06:34
दशमी एकादशी 06:34 05:17 02:00 04:00 08:00 मंगल 20 दिसंबर स्मार्त अरुणोदय 04:58–06:34
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 20 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 06:34: मंगल 20 दिसंबर।

सफला एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

मंगल 20 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 300.7° आगे था: कृष्ण एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 300.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 300.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:34। दशमी उससे पहले 05:17 पर समाप्त हुई। एकादशी 02:39 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 10 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में दशमी क्यों है?

नई दिल्ली में दशमी है, Ipameri में एकादशी।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी मंगल 20 दिसंबर सुबह बुध 21 दिसंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−2 12:47 05:17 10:09 02:39 07:08 दशमी 07:09 एकादशी 06:34 एकादशी 06:34 द्वादशी
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी मंगल 20 दिसंबर सुबह बुध 21 दिसंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−2 12:47 05:17 10:09 02:39 07:08 दशमी 07:09 एकादशी 06:34 एकादशी 06:34 द्वादशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 07:08, दशमी की समाप्ति 12:47 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है।

Ipameri · UTC−2

यहाँ सूर्योदय, 06:34, दशमी की समाप्ति 05:17 के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।

मंगल 20 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:07–05:51

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:07–05:51।

सूर्यास्त 19:45 सोम सूर्योदय 06:34 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 19 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:45 सोम सूर्योदय 06:34 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 19 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 19 दिसंबर की रात सूर्यास्त 19:45 सोम से सूर्योदय 06:34 तक थी, 10 घं 49 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 20 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:43–13:36

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:43–13:36।

मंगल 20 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:12–10:05

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:12–10:05, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:05 बुध–00:48 बुध।

मंगल 20 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 00:05–00:48 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:12–10:05, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:05 बुध–00:48 बुध।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:34 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:34 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:34 से 19:46, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:12–10:05 और 00:05 बुध–00:48 बुध।

मंगल 20 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:34–08:13 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:34 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:34 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:34 से 19:46, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:46 से 06:34 बुध, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 20 दिसंबर को राहुकाल कब है? 16:28–18:07

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:28–18:07।

मंगल 20 दिसंबर को यमगंड कब है? 09:52–11:31

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:52–11:31।

मंगल 20 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 13:10–14:49

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:10–14:49।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:34 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:34 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:34 से 19:46 तक है, 13 घं 12 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 20 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:34

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:34, सूर्यास्त 19:46, 13 घं 12 मि का दिन।

मंगल 20 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:46

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:34, सूर्यास्त 19:46, 13 घं 12 मि का दिन।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:34 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:40 चंद्रोदय 03:24 बुध
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:34 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:40 चंद्रोदय 03:24 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 20 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 184.8° पर था: चित्रा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 184.8° अगला: स्वाती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 184.8° अगला: स्वाती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 183°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 09:42 को निकलेगा, स्वाती में।

मंगल 20 दिसंबर को कौन सा योग है? अतिगण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 428.9° थे, एक चक्कर और 68.9°: अतिगण्ड।

सूर्य 244.1° + चंद्रमा 184.8° = 428.9° एक चक्कर + 68.9° अतिगण्ड 66°40′–80°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 244.1° + चंद्रमा 184.8° = 428.9° एक चक्कर + 68.9° अतिगण्ड 66°40′–80°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 244.1° + 184.8° = 428.9°, एक पूरा चक्कर और 68.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 23:49 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।

मंगल 20 दिसंबर को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 300.7° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 300.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बव 300°–306° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 300.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बव 300°–306° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 15:59 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 02:39 बुध तक।

मंगल 20 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:34, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:34 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:34 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:34 से 06:34 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 20 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 25 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 24 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

मंगल 20 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।

अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल मंगल 20 दिसंबर अमावस्या 25 नव॰ पूर्णिमा 10 दिस॰ अमावस्या 24 दिस॰ पूर्णिमा 9 जन॰
अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल मंगल 20 दिसंबर अमावस्या 25 नव॰ पूर्णिमा 10 दिस॰ अमावस्या 24 दिस॰ पूर्णिमा 9 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।

मंगल 20 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2068 · शक 1933

विक्रम संवत 2068 3 अप्रैल 2011 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2011 11:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 20 दिसंबर सूर्य 244.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2011 11:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 20 दिसंबर सूर्य 244.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2011, 11:32 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 254.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2068 गिनता है; शक संवत 1933।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 20 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:24 बुध

चंद्रमा यहाँ 03:24 बुध पर उदय होता है।

मंगल 20 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:40

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:34 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:40 चंद्रोदय 03:24 बुध
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 06:34 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:40 चंद्रोदय 03:24 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:40 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:24 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:40 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:24 बुध पर उदय होगा।