tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 24 अक्टूबर 2011

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 01:32 मंगल तक

फिर चतुर्दशी · 21:46 मंगल तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

त्योहार

धनतेरस

धनतेरस पूजा मुहूर्त
20:52⁠–⁠21:32
प्रदोष काल 19:15⁠–⁠21:32

धनतेरस सोम 24 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। सोम 24 अक्टूबर क्यों?

धनतेरस: Ipameri में हर तारीख़

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
19:15⁠–⁠21:32
प्रदोष काल 19:15⁠–⁠21:32

प्रदोष व्रत सोम 24 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। सोम 24 अक्टूबर क्यों?

प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
00:34⁠–⁠01:19 मंगल
निशीथ काल 00:34⁠–⁠01:19 मंगल

मासिक शिवरात्रि सोम 24 अक्टूबर को है: चतुर्दशी किसी भी रात निशीथ काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है। सोम 24 अक्टूबर क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

व्रत का पारण

रमा एकादशी

पारण सोम 24 अक्टूबर, 06:38 से सूर्यास्त 19:15 तक
रमा एकादशी: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:07 06:38 19:15अगला सूर्योदय 06:37 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:38–08:13अमृतशुभ
  • 08:13–09:47कालअशुभ
  • 09:47–11:22शुभ
  • 11:22–12:57रोगअशुभ
  • 12:57–14:31उद्वेगअशुभ
  • 14:31–16:06चरसामान्य
  • 16:06–17:41लाभशुभ
  • 17:41–19:15अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:15–20:41चरसामान्य
  • 20:41–22:06रोगअशुभ
  • 22:06–23:31कालअशुभ
  • 23:31–00:56 मंगललाभशुभ
  • 00:56–02:22 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:22–03:47 मंगलशुभ
  • 03:47–05:12 मंगलअमृतशुभ
  • 05:12–06:37 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 24 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:07–05:52, शुभ
  • अमृत, शुभ, 06:38–08:13
  • काल, अशुभ, 08:13–09:47
  • शुभ, 09:47–11:22
  • रोग, अशुभ, 11:22–12:57
  • उद्वेग, अशुभ, 12:57–14:31
  • चर, सामान्य, 14:31–16:06
  • लाभ, शुभ, 16:06–17:41
  • अमृत, शुभ, 17:41–19:15
  • चर, सामान्य, 19:15–20:41
  • रोग, अशुभ, 20:41–22:06
  • काल, अशुभ, 22:06–23:31
  • लाभ, शुभ, 23:31–00:56 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:56–02:22 मंगल
  • शुभ, 02:22–03:47 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:47–05:12 मंगल
  • चर, सामान्य, 05:12–06:37 मंगल
  • राहु काल, 08:13–09:47, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:22–12:57, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:31–13:22, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:22–14:12, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:31–16:06, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:53–16:44, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:06–05:52 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में धनतेरस सोम 24 अक्टूबर को क्यों है?

धनतेरस सोम 24 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 रवि 23 अक्टूबर प्रदोष काल 19:15–21:32
द्वादशी 18:00 20:00 22:00 रवि 23 अक्टूबर प्रदोष काल 19:15–21:32
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी सोम 24 अक्टूबर को 05:02 से मंगल 25 अक्टूबर को 01:32 तक है, इसलिए केवल सोमवार का प्रदोष काल (19:15–21:32) उसके भीतर है। धनतेरस का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

धनतेरस पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 19:15–21:32। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 20:52 से 21:32 तक उदित रहता है।

धनतेरस: Ipameri में हर तारीख़

Ipameri में प्रदोष व्रत सोम 24 अक्टूबर को क्यों है?

प्रदोष व्रत सोम 24 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 रवि 23 अक्टूबर प्रदोष काल 19:15–21:32
द्वादशी 18:00 20:00 22:00 रवि 23 अक्टूबर प्रदोष काल 19:15–21:32
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी सोम 24 अक्टूबर को 05:02 से मंगल 25 अक्टूबर को 01:32 तक है, इसलिए केवल सोमवार का प्रदोष काल (19:15–21:32) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़

Ipameri में मासिक शिवरात्रि सोम 24 अक्टूबर को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि सोम 24 अक्टूबर को है: चतुर्दशी किसी भी रात निशीथ काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है।

त्रयोदशी चतुर्दशी 01:32 23:00 00:00 01:00 03:00 सोम 24 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 00:34–01:19 मंगल
त्रयोदशी चतुर्दशी 01:32 23:00 00:00 03:00 सोम 24 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 00:34–01:19 मंगल
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी मंगल 25 अक्टूबर को 01:32 से मंगल 25 अक्टूबर को 21:46 तक है, दोनों रात के निशीथ काल के बीच, किसी को नहीं छूती। तब निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: सोम 24 अक्टूबर। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़

सोम 24 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 324.9° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 324.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 324.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:38। द्वादशी उससे पहले 05:02 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 01:32 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 11 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?

नई दिल्ली में द्वादशी है, Ipameri में त्रयोदशी।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी सोम 24 अक्टूबर सुबह मंगल 25 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−2 12:32 05:02 09:02 01:32 06:27 द्वादशी 06:27 त्रयोदशी 06:38 त्रयोदशी 06:37 चतुर्दशी
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी सोम 24 अक्टूबर सुबह मंगल 25 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−2 12:32 05:02 09:02 01:32 06:27 द्वादशी 06:27 त्रयोदशी 06:38 त्रयोदशी 06:37 चतुर्दशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:27, द्वादशी की समाप्ति 12:32 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है।

Ipameri · UTC−2

यहाँ सूर्योदय, 06:38, द्वादशी की समाप्ति 05:02 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।

सोम 24 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:07–05:52

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:07–05:52।

सूर्यास्त 19:15 रवि सूर्योदय 06:38 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 23 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:15 रवि सूर्योदय 06:38 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 23 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 23 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 19:15 रवि से सूर्योदय 06:38 तक थी, 11 घं 23 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 24 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:31–13:22

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:31–13:22।

सोम 24 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:22–14:12

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:22–14:12 और 15:53–16:44।

सोम 24 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:53–16:44

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:22–14:12 और 15:53–16:44।

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 06:38 से 19:15, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:22–14:12 और 15:53–16:44।

सोम 24 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:38–08:13 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:38 से 19:15, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:15 से 06:37 मंगल, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 24 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 08:13–09:47

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:13–09:47।

सोम 24 अक्टूबर को यमगंड कब है? 11:22–12:57

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:22–12:57।

सोम 24 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 14:31–16:06

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:31–16:06।

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 06:38 से 19:15 तक है, 12 घं 37 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 24 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:38

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 19:15, 12 घं 37 मि का दिन।

सोम 24 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:15

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 19:15, 12 घं 37 मि का दिन।

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:07 चंद्रोदय 05:18 मंगल
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:07 चंद्रोदय 05:18 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 37 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 22 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 37 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 22 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 24 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 151.5° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 151.5° अगला: हस्त पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 151.5° अगला: हस्त पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 150° पर उसके पद 2 में आया। वह 20:13 को निकलेगा, हस्त में।

सोम 24 अक्टूबर को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 338.1° थे: इन्द्र।

सूर्य 186.6° + चंद्रमा 151.5° = 338.1° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 186.6° + चंद्रमा 151.5° = 338.1° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 186.6° + 151.5° = 338.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 19:32 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

सोम 24 अक्टूबर को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 324.9° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 324.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 324.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 15:19 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 01:32 मंगल तक।

सोम 24 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:38, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:38 से 06:37 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 24 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 27 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 26 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

सोम 24 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल सोम 24 अक्टूबर अमावस्या 27 सित॰ पूर्णिमा 11 अक्टू॰ अमावस्या 26 अक्टू॰ पूर्णिमा 10 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल सोम 24 अक्टूबर अमावस्या 27 सित॰ पूर्णिमा 11 अक्टू॰ अमावस्या 26 अक्टू॰ पूर्णिमा 10 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

सोम 24 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2068 · शक 1933

विक्रम संवत 2068 3 अप्रैल 2011 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2011 11:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 24 अक्टूबर सूर्य 186.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2011 11:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 24 अक्टूबर सूर्य 186.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2011, 11:32 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 197.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2068 गिनता है; शक संवत 1933।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 24 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:18 मंगल

चंद्रमा यहाँ 05:18 मंगल पर उदय होता है।

सोम 24 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:07

सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:07 चंद्रोदय 05:18 मंगल
सूर्योदय 06:38 सूर्यास्त 19:15 सूर्योदय 06:37 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:07 चंद्रोदय 05:18 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:07 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:18 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:07 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:18 मंगल पर उदय होगा।